डेस्क : ईरान और इज़राइल के बीच चल रही लड़ाई अब सिर्फ़ मिसाइलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि साइबर हमलों ने भी ईरान में बड़ी हलचल मचा दी है। हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल ने ईरान के बहुत पॉपुलर प्रार्थना ऐप ‘बड़े सबा कैलेंडर’ को हैक कर लिया है। इस ऐप का इस्तेमाल लाखों मुसलमान प्रार्थना का समय जानने के लिए करते हैं और Google Play Store पर इसके 5 मिलियन से ज़्यादा डाउनलोड हैं।
सैनिकों को बगावत के लिए उकसाया
जिस समय तेहरान पर अमेरिकी और इज़राइली मिसाइलें बरस रही थीं, उसी समय लाखों फ़ोन पर अजीबोगरीब नोटिफिकेशन आने लगे। इन मैसेज में फ़ारसी में लिखा था, “मदद आ गई है”। इस ऐप के जरिए हैकर्स ने खास तौर पर ईरानी सेना (IRGC) के सैनिकों से अपने हथियार डालने, मौजूदा शासन के खिलाफ बगावत करने और देश को आज़ाद कराने की अपील की।
बड़े नेता मारे गए और वेबसाइट हैक की गईं
यह साइबर हमला एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा था जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली ख़ामेनेई और कई बड़े मिलिट्री अफ़सर मारे गए थे। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA समेत कई दूसरी न्यूज़ वेबसाइट भी हैक की गईं ताकि शासन को बदनाम करने वाला कंटेंट पोस्ट किया जा सके।
इलाके में जंग का खतरा बढ़ा
इन हमलों के जवाब में, ईरान ने भी खाड़ी इलाके, खासकर यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) और वहां मौजूद US मिलिट्री बेस पर जवाबी मिसाइल हमले किए हैं। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ज़रूरत होगी, US मिलिट्री एक्शन जारी रहेगा।
