बच्चों के शैक्षणिक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक रूप से सर्वांगीण विकास हेतु प्ले स्कूल की भूमिका महत्त्वपूर्ण- डॉ. अंजू कुमारी

दरभंगा : दिल्ली से फ्रेंचाइजी प्राप्त एवं दरभंगा के आजमनगर, टीचर्स कॉलोनी स्थित ‘माय छोटा स्कूल’ का रंगारंग वार्षिकोत्सव समारोह स्कूल परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें माय छोटा स्कूल के दरभंगा जिला मेंटर डॉ. आरएन चौरसिया- मुख्य अतिथि, ‘बचपन प्ले स्कूल’ टावर, दरभंगा की निर्देशिका मीनाक्षी अग्रवाल- मुख्य वक्ता, ‘नारायणस माय प्ले स्कूल’ की निर्देशिका डॉ. अंजू कुमारी- विशिष्ट अतिथि, स्कूल की प्रिंसिपल कनक प्रभा एवं निदेशक अजय कुमार, ऑनर मालती देवी, शिक्षिका- सुमन कुमारी, बबीता कुमारी, सुजाता कुमारी, डांस फीवर के प्रशिक्षक रवि सिंह, डीएमसीएच की चन्द्रलेखा, सहायिका गुड़िया देवी तथा डांस शिक्षिका निशा सहित छात्रों के अभिभावक, सहयोगी तथा 100 से अधिक छोटे-छोटे बच्चे एवं बच्चियां उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत मिथिला पेंटिंग युक्त पाग, चादर एवं डायरी आदि से किया गया। समारोह का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ, जबकि समापन राष्ट्रगान से। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन कीर्ति कुमारी ने किया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारंभ गणेश वंदना से हुआ।

स्वागत संबोधन करते हुए कनक प्रभा ने कहा कि बच्चे गिली मिट्टी की तरह होते हैं, जिन्हें हम मनचाहा एवं बेहतरीन स्वरूप दे सकते हैं। उन्होंने स्कूल का वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मेरा स्कूल 3 वर्षों में संघर्ष करते हुए काफी आगे बढ़ा है, जिसमें परिवार एवं समाज के साथ ही अन्य शैक्षणिक सहयोगियों का भी अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अजय कुमार ने स्कूल के उतार-चढ़ाव की चर्चा करते हुए बताया कि शून्य बच्चों से शुरुआत किए गए इस स्कूल में कम समय में ही आज 40 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। अभिभावक भी खुश हैं, जिस कारण बच्चे बढ़ रहे हैं।

डॉ. अंजू कुमारी कहा कि छोटे बच्चे सबसे पहले अपनी मां से सीखते हैं। इस प्ले स्कूल में बच्चों को घर जैसा वातावरण देकर सही दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक रूप से सर्वांगीण विकास हेतु आज प्ले स्कूल अनिवार्य है। यह स्कूल कनक प्रभा के कठिन मेहनत से भविष्य में लगातार आगे बढ़ता ही रहेगा। मीनाक्षी अग्रवाल ने कहा कि प्ले स्कूल बच्चों को केवल खेलाता ही नहीं, बल्कि उनके नींव मजबूत करता है। स्कूल चलाना बड़े धैर्य एवं जुनून का काम है। उन्होंने कहा कि एनुअल फंक्शन बच्चों एवं शिक्षकों के साल भर की मेहनत का प्रदर्शन है। बच्चों में बड़ी क्षमताएं होती हैं, बस जरूरत है, उसे ठीक से आगे बढ़ाने की।

डॉ. आरएन चौरसिया ने माय छोटा स्कूल, दिल्ली का फ्रेंचाइजी लेने तथा उसकी सरल प्रक्रिया को बताते हुए कहा कि इस स्कूल के दरभंगा में 6 तथा भारत में 2500 से अधिक शाखाएं हैं। यह भारत का सर्वाधिक ग्रोइंग करने वाला स्कूल है। उन्होंने गार्जियन से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के लिए क्वालिटी एवं क्वांटिटी रूप से समय दें, क्योंकि बच्चों के निर्माण का निवेश सबसे महत्वपूर्ण और स्थायी होता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अनन्या के नेतृत्व में झिझिया डांस, अनुष्का के नेतृत्व में हर हर महादेव… डांस दिशा के नेतृत्व में नैनो वाले.., आदि के साथ ही आरूषी, अयांशी, स्वरा, प्रज्ञान, तन्वी अन्वी, दिशा, कोमल, अनुष्का ऋचा, अनिका, रचिता, पलक केजरीवाल आदि के द्वारा अनेक मनमोहन डांस एवं गीत प्रस्तुत किए गए।
