
दरभंगा। मिथिला की ऐतिहासिक विरासत और राज दरभंगा के आधार स्तंभ रहे दिवंगत राजकुमार शुभेश्वर सिंह की 80 वीं जयंती श्रद्धा और सेवा के संकल्प के साथ महाराजा कामेश्वर सिंह मेमोरियल अस्पताल में मनाई गई। महाराजा कामेश्वर सिंह मेमोरियल अस्पताल परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अतिथियों ने दीप जलाकर एवं तैलचित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर मनाया गया। जहाँ समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम की शुरुआत राजकुमार शुभेश्वर सिंह के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् पूर्व विभागाध्यक्ष (अंग्रेजी) डॉ. हेमपती झा, प्रो. कैलाश मिश्रा, डॉ. मित्रनाथ झा, डॉ. दिनेश सिंह, आर.के. दत्ता, दिनेश राय एवं प्रो. गोपाल झा उपस्थित थे। वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा वे न केवल राज परिवार के सदस्य थे, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने सदैव समाज के कल्याण और मिथिला की संस्कृति के संरक्षण की चिंता की। उनका जन्म 20 फरवरी 1946 को हुआ था। शिक्षा के विकास के लिए राजकुमार बहुत प्रतिबद्ध थे इसलिए उन्होंने महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह कॉलेज (अगस्त 1979) दरभंगा, विश्वेश्वर सिंह जनता कॉलेज (राजनगर) तथा कामेश्वर सिंह संस्कृत यूनिवर्सिटी की स्थापना एवं प्रसार में अहम् भूमिका निभाई जिसमे जमीन एवं भव्य महल दान किया। राजकुमार शुभेश्वर सिंह का खेल के प्रति प्रगाढ़ लगाव था। इन्होने कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जिससे दरभंगा में खेलों का विकास किया जा सके। उन्होंने राजदरभंगा के धरोहर की रक्षा हेतु महाराजा लक्ष्मेश्वर सिंह संग्रहालय (1979) की स्थापना की एवं बहुमूल्य कलाकृति दान की। इसमें आज भी दुनिया की बेशकीमती संग्रह सुरक्षित रखे गए हैं। राजकुमार सुभेश्वर सिंह को खेलो में गहरी रुचि थी, उन्होंने कई क्रिकेट टूर्नामेंट एव अन्य खेल प्रतियोगिताओं को आरम्भ किया। इनके द्वारा राजधानी पटना से समाचार पत्र (इंडियन नेशन, आर्यावर्त) और मिथिला मिहिर (मैगज़ीन) का संचालन किया गया। राजकुमार सुभेश्वर सिंह बहुमुखी प्रतिभाके धनी थे। राज दरभंगा के द्वारा पटना से संचालित हिंदी दैनिक आर्यव्रत एवं अंग्रेजी दैनिक इंडियन नेशन के तत्कालीन अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक राजकुमार शुभेश्वर सिंह अभिव्यक्ति की आजादी के प्रति काफी सजग थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार के द्वारा लाए गए प्रेस बिल जैसे काले कानून का सख्त विरोध किया। उनके विरोध का नतीजा यह था की इस काले कानून के विरोध में देश भर के पत्रकार सड़क पर आ गए जिससे मजबूरन बिहार सरकार को यह काला कानून वापस लेना पड़ा। 22 मार्च 2006 को स्वनामधन्य राज कुमार शुभेश्वर सिंह के निधन के बाद उनके दोनों पुत्र कुमार राजेश्वर सिंह एवं युवराज कुमार कपिलेश्वर सिंह अपने सराहनिए प्रयशो से दरभंगा राज की गरिमा को बढ़ाने के लिए कार्यरत है। राजकुमार शुभेश्वर सिंह जी के आदर्श आज की पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। इस विशेष अवसर को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाते हुए अस्पताल परिसर में एक वृहत मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दरभंगा और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए 332 मरीजों की निःशुल्क जांच की गई और उन्हें आवश्यक परामर्श व दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, साथ ही इस मौके पर जरूरतमंद महिलाओं को साड़ियां भी वितरित की गई। मौके पर अस्पताल के सचिव आशुतोष दत्ता, सहायक सचिव अमर कांत झा, केयरटेकर राज दरभंगा, संतोष सिंह मुरली शंकर, प्रियतोश बनर्जी, प्रियांशु झा, सत्यम सिंह,मनोज साह, बबलू कुमार,संतोष झा,नीरज कुमार, पप्पू यादव,दीपक कुमार, अशोक कुमार मंडल,रामकृष्ण लाल दास,जितेंद्र ठाकुर रोहित कुमार, राज कुमार मंडल, हेमंत किशोर पासवान सहित अन्य मौजूद थे।