डेस्कः ग्लोबल बाजारों में आई तेज बिकवाली और IT शेयरों में भारी गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार में हड़कंप मचा दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी नुकसान हुआ है, जिससे बाजार का माहौल पूरी तरह से दबाव में नजर आ रहा है। महज दो दिनों में लाखों करोड़ रुपए की वैल्यू घटने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स करीब 859 अंक लुढ़क कर 82,815.14 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी में 265.20 (1.03%) की गिरावट दर्ज की गई, ये 25,542 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे कौन-कौन से फैक्टर जिम्मेदार हैं और आगे निवेशकों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए।
आईटी सेक्टर में ग्लोबल स्तर पर आई कमजोरी का असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिला, जहां कई आईटी स्टॉक्स करीब 5% तक टूट गए। इसके चलते पूरे बाजार में दबाव बढ़ा और पिछले दो दिनों में निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति घट गई। बुधवार को बंद होने के समय BSE का मार्केट कैप 474 लाख करोड़ रुपए था, जो अब घटकर लगभग 465 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
गुरुवार को भी सभी सेक्टर्स में प्रॉफिट बुकिंग और आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 558.72 अंक गिरकर 83,674.92 पर और निफ्टी 146.65 अंक टूटकर 25,807.20 पर बंद हुआ था।
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के अनुसार बाजार फिलहाल उथल-पुथल के दौर में है, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ रही है। अमेरिका के टेक और AI स्टॉक्स में बिकवाली की आशंका पहले से थी, लेकिन गिरावट का समय और स्तर स्पष्ट नहीं था। Nasdaq Composite में 2% से ज्यादा की गिरावट ने भी बाजार का सेंटिमेंट कमजोर किया है।
जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि न्यूक्लियर डील पर सहमति नहीं बनती तो Iran के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इस बयान से ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है।
डॉलर और रुपए का दबाव
मजबूत होता United States डॉलर और कमजोर रुपया भी भारतीय इक्विटी के लिए नकारात्मक संकेत दे रहे हैं। डॉलर इंडेक्स 96.93 के आसपास पहुंच गया, जबकि रुपया गिरकर 90.67 प्रति डॉलर पर खुला, जिससे विदेशी निवेश के आउटफ्लो की आशंका बढ़ गई है।
