डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे रोमांचक मुकाबला भारत बनाम पाकिस्तान पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से साफ मना कर दिया है, हालांकि अभी तक आईसीसी को औपचारिक पत्र नहीं भेजा गया। फिर भी, 15 फरवरी को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच की उम्मीद बरकरार है, क्योंकि आईसीसी इसे कराने के लिए कूटनीतिक कोशिशों में जुटा हुआ है।
रविवार को आईसीसी ने पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी मौजूद थे। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ने बॉयकॉट कॉल वापस लेने के बदले आईसीसी के सामने तीन प्रमुख मांगें रख दीं। इनमें से एक मांग ऐसी है, जिसे भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा।
पीसीबी की तीन मांगें क्या हैं?
अधिक रेवेन्यू शेयर: पाकिस्तान आईसीसी से टूर्नामेंट के रेवेन्यू में बड़ा हिस्सा चाहता है, ताकि आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।
भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज: दोनों देशों के बीच बाइलेटरल क्रिकेट संबंधों को बहाल किया जाए।
हैंडशेक की वापसी: टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएं।
द्विपक्षीय सीरीज की मांग सबसे विवादास्पद है। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012 में हुई थी। उसके बाद राजनीतिक तनाव के कारण दोनों टीमें केवल आईसीसी इवेंट्स में ही आमने-सामने आ रही हैं। खासकर पिछले साल भारत में हुए पहलगाम हमले के बाद भारत का रुख और कड़ा हो गया। टीम इंडिया ने एशिया कप 2025 से पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हैंडशेक तक बंद कर दिया है।
पीसीबी की बाकी मांगें मानवीय या आर्थिक हो सकती हैं, लेकिन बाइलेटरल सीरीज का मुद्दा जटिल है। आईसीसी अब दोनों बोर्ड्स को मना रहा है, ताकि फैंस को IND vs PAK का यह क्लैश देखने को मिल सके। क्या ये शर्तें पूरी होंगी, या मैच रद्द होगा? आने वाले दिन इसका फैसला करेंगे।
