
दरभंगा। पारस ग्लोबल हॉस्पिटल दरभंगा ने 68 साल के एक मरीज का सफल घुटना प्रत्यारोपण कर उसे चलने लायक बना दिया। मरीज लंबे समय से घुटनों के दर्द से पीड़ित था। उसे चलने, सीढ़ियां चढ़ने और दैनिक गतिविधियों में काफी परेशानी हो रही थी। जांच में मरीज को ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या पाई गई,जो बुजुर्गों में एक आम लेकिन तकलीफदेह बीमारी है।
इस गंभीर समस्या के साथ मरीज प्रखर पांडेय पारस ग्लोबल हॉस्पिटल दरभंगा पहुंचे। हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के कंसलटेंट डॉ. ज्ञान रंजन ने उनका इलाज शुरू किया। डॉ. रंजन ने बताया मरीज का ऑपरेशन जर्मन तकनीक से किया गया। जो इस इलाके में अब तक बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होने बताया घुटना, कूल्हा, कंधा एवं कोहनी प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट) का विशेष प्रशिक्षण जर्मनी में प्राप्त किया है। यह सर्जरी करीब डेढ़ घंटे में पूरी हुई। ऑपरेशन के बाद महज 24 घंटे के भीतर मरीज अपने पैरों पर चलने लगा, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस तरह की सर्जरी इस क्षेत्र में अभी भी असामान्य मानी जाती है। पहले दरभंगा में घुटना प्रत्यारोपण की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब पारस हॉस्पिटल दरभंगा में यह उन्नत इलाज संभव हो पाया है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत तेजी से सुधरी और उसे छह दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉ. ज्ञान रंजन का कहना है घुटना प्रत्यारोपण के बाद दर्द लगभग पूरी तरह खत्म हो जाता है और नया घुटना सामान्य घुटने की तरह काम करता है, जिससे मरीज फिर से सामान्य जीवन जी सकता है। पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना के जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार ने बताया ऑस्टियोआर्थराइटिस एक बेहद आम समस्या है, लेकिन सही समय पर इलाज और आधुनिक तकनीक से मरीज को दर्दमुक्त और सक्रिय जीवन दिया जा सकता है। पहले मिथिलांचल और आसपास के इलाके के मरीजों को घुटना प्रत्यारोपण के लिए बाहर का रुख करना पड़ता था जबकि अब दरभंगा में पारस ग्लोबल हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टर सफल घुटना प्रत्यारोपणकर रहे हैं। पारस हॉस्पिटल दरभंगा की इस सफलता से मिथिला क्षेत्र के मरीजों को अब बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। पारस ग्लोबल अस्पताल के बारे में 100 बिस्तरों वाले पारस ग्लोबल दरभंगा में एक ही स्थान पर सभी चिकित्सा सुविधाएं हैं। हमारे पास एक आपातकालीन सुविधाए उच्च योग्य और अनुभवी डॉक्टरों के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र है। पारस कैंसर केयर बिहार में अपनी विशेषज्ञताए बुनियादी ढांचे, व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध है।