
दरभंगा। बिहार भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने शून्यकाल के दौरान सदन में मैथिली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा मैथिली भाषा भारत की प्राचीन बौद्धिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा की समृद्ध धरोहर है, जिसकी ऐतिहासिक जड़ें हजारों वर्षों पुरानी हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा महाकवि विद्यापति का साहित्य, तिरहुता लिपि की ऐतिहासिक परंपरा, वेद-पुराण, दर्शन और लोक-संस्कृति में मैथिली का व्यापक योगदान इसके शास्त्रीय स्वरूप को प्रमाणित करता है। उन्होंने बताया मैथिली का संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश से गहरा संबंध रहा है व इसकी स्वतंत्र व्याकरणिक संरचना और समृद्ध साहित्यिक परंपरा इसे शास्त्रीय भाषा के सभी मानकों पर खरा उतरती है। वर्तमान में तमिल, संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त है, ऐसे में मैथिली भाषा भी समान रूप से इस सम्मान की अधिकारी है। डॉ. गुप्ता ने कहा मैथिली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से इसके साहित्य, शोध और शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया मैथिली भाषा की ऐतिहासिक विरासत और शास्त्रीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए इसे शीघ्र शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए।