
दरभंगा। दरभंगा सहित मिथिला क्षेत्र को शीघ्र ही मोदी सरकार की ऐतिहासिक सौगात मिलेगी। आजादी के बाद रेलवे के क्षेत्र में देश स्तर पर हो रहे क्रांतिकारी परिवर्तन का सबसे ज्यादा लाभ मिथिला क्षेत्र खासकर दरभंगा को मिला है। अब शीघ्र ही लहेरियासराय से सहरसा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन की स्वीकृति के लिए आपूर्चारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। रेलवे मंत्रालय के द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को नीति आयोग शीघ्र ही मंजूरी देगी तथा यह नई रेल लाइन अस्तित्व में आ जाएगा। स्थानीय सांसद सह रेलवे स्टैंडिंग कमिटी सदस्य डा गोपाल जी ठाकुर ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि
रेल मंत्रालय के द्वारा लहेरियासराय से सहरसा तक लगभग 95 किलोमीटर नई रेल लाइन की मंजूरी की सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया। दरभंगा सांसद सह रेलवे स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य डा गोपाल जी इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि 2376 करोड़ की लागत से लगभग 95 किलोमीटर लहेरियासराय तक बनने वाले नई रेल लाइन में कोशी नदी पर एक बड़े हाई लेबल पुल के साथ साथ 14 बृहत बड़े पुल,41 छोटे पुल व 72 अंडरपास बनेंगे तथा 10 क्रॉसिंग स्टेशन एवं 2 होल्ट बनाए जाएंगे । सांसद डा ठाकुर ने इस नई रेल लाइन को पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के लिए वैकल्पिक रेल मार्ग बताते हुए कहा कि लहेरियासराय से सहरसा होकर पूर्णिया अररिया के रास्ते यह रेल लाइन पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विकल्प बन जाएगा तथा अभी समस्तीपुर खगड़िया मानसी होकर जानेवाले मार्ग में लगभग 75 किलोमीटर की दूरी घट जाएगी। जिससे यात्रियों को समय तथा संसाधन दोनों की बचत होगी। इस नई रेल लाइन को दरभंगा लोकसभा क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन बताते हुए कहा कि इस रेल लाइन की कुल लंबाई में 70 किलोमीटर दरभंगा संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं जबकि 25 किलोमीटर नई रेल लाइन सुपौल और मधेपुरा संसदीय क्षेत्र में पड़ेगा। उन्होंने लहेरियासराय से सहरसा प्रस्तावित नई रेल लाइन की महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा कि यह नई रेल लाइन दरभंगा बहादुरपुर हायाघाट बेनीपुर अलीनगर, गौराबौराम एवं कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा क्योंकि इन विधानसभा क्षेत्र के सुदूर देहाती क्षेत्रों के लोगों का प्रशासनिक, न्यायिक, शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए दरभंगा आना जाना आसान हो जाएगा। इस नई रेल लाइन के लिए अपने पहल और प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी गृह मंत्री, अमित शाह तथा रेल मंत्री, अश्विनी वैष्णव को पत्र के माध्यम से तथा व्यक्तिगत रूप से भेंटकर लगातार अपनी बातें रखी थी तथा रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के साथ साथ रेलवे के जोनल तथा मंडल स्तर पर इसके लिए ठोस पहल की थी जिसका परिणाम अब धरातल पर साकार होने जा रहा है। दरभंगा में निर्माणाधीन रेलवे परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किए गए हैं।