बारामती (पुणे): महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के अचानक निधन के बाद बड़ा सियासी शून्य पैदा हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद उठ रहे सवालों और अटकलों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने स्थिति को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि मौजूदा हालात में किसी न किसी को आगे आकर अजित पवार की जिम्मेदारी संभालनी ही होगी।
शरद पवार का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाओं पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अजित पवार की राजनीतिक भूमिका और जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए नए विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
इस बीच शरद पवार ने एनसीपी से जुड़ी एक और बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों से जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर लगातार बातचीत चल रही थी। यह प्रक्रिया सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी और 12 तारीख को इसके सार्वजनिक ऐलान की पूरी तैयारी थी।
शरद पवार के अनुसार, अजित पवार इस पहल को लेकर बेहद गंभीर थे और उनका स्पष्ट उद्देश्य पार्टी संगठन को एकजुट करना था। वे एनसीपी को मजबूत और एकजुट स्वरूप में आगे ले जाना चाहते थे। हालांकि, उनके अचानक निधन से यह पूरी प्रक्रिया अधर में लटक गई है।
अजित पवार के जाने के बाद न केवल एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति भी एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस राजनीतिक खालीपन को कैसे भरता है और सत्ता व संगठन की दिशा किस ओर जाती है।
आशुतोष झा
