
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय अंतर्गत विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग द्वारा विभागीय परिसर में रंग संगीत कार्यक्रम का हुआ आयोजनइस अवसर पर रंगमंचीय संगीत की प्रख्यात विदुषी, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2016) से सम्मानित डॉ. अंजना पुरी ने विषय-विशेषज्ञ के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय रंगमंच में संगीत की भूमिका, रंगमंचीय संगीत की संरचना,प्रयोगधर्मिता,समकालीन नाट्य प्रस्तुति तथा बंसी कौल के नाट्य शैली एवं उसके महत्व पर विस्तार से विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह ‘काव्या’ के संयोजन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।संवादात्मक सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने रंगमंचीय संगीत से संबंधित जिज्ञासाओं को डॉ. अंजना पुरी के समक्ष रखा, जिनका उन्होंने गहन और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।