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उत्तर बिहार में दरभंगा उर्दू भाषा और साहित्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र है : प्रो. मुश्ताक अहमद

 

बिहार में उर्दू भाषा के साथ-साथ साहित्य को भी बढ़ावा दिया जा रहा है : प्रो. आफाकी

दरभंगा। यह एक सच्चाई है के वर्तमान युग में बिहार देश का ऐसा राज्य है जहाँ न केवल उर्दू भाषा के विकास के लिए अनुकूल वातावरण है, बल्कि साहित्य को भी बढ़ावा दिया जा रहा है और कविता,गद्य,साहित्य के क्षेत्र में बड़ी संख्या में गुणवत्तापूर्ण रचनाएँ तैयार हो रही हैं। ये विचार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बनारस के उर्दू विभाग के अध्यक्ष, प्रो. आफाकी ने व्यक्त किए। प्रो. आफाकी उत्तरी बिहार के ऐतिहासिक महाविद्यालय सीएम कॉलेज दरभंगा में आयोजित एक स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा उत्तर भारत के अन्य राज्यों में उर्दू भाषा के शिक्षण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस राज्य की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ है और यहाँ के लेखक और कवि गुणवत्तापूर्ण रचनाएँ प्रस्तुत कर रहे हैं। इस क्षेत्र में एक विशाल मानक संग्रह संकलित हो रहा है, जो भविष्य में शोध, आलोचना का विषय बनेगा अफताब अहमद अफताब मिथला विश्वविद्यालय, दरभंगा में कार्यालय के कार्य से आए थे। जिसके बाद एक स्थानीय सीएम कॉलेज दरभंगा में समारोह आयोजित किया गया। उन्होंने महाविद्यालय परिवार को अभिवादन कर अपना सम्मान व्यक्त किया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य, प्रो. मुश्ताक अहमद ने मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार पाग, चादर और फूलों का गुलदस्ता भेंट करके उनका स्वागत किया। प्रो. मुश्ताक अहमद ने प्रो. अफताब का परिचय देते हुए कहा प्रोफेसर अफताब अहमद अफताब वर्तमान युग में उर्दू के कुछ विख्यात शोधकर्ताओं और आलोचकों में से एक हैं और उनकी दर्जनों पुस्तकें संदर्भ के रूप में उपयोग की जाती हैं। श्री अहमद ने कहा प्राचीन काल से ही दरभंगा उर्दू भाषा और साहित्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, दबस्तान अजीमाबाद की कड़ी के रूप में इसकी अपनी एक अलग पहचान है। आज भी यह बिहार राज्य में शैक्षिक और साहित्यिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और भाषा के विकास के साथ-साथ यहां कई ऐसे साहित्यकार भी हैं जो गद्य और काव्य रचनाओं को गंभीरता से प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रो. आफताब अशरफ ने कहा प्रो आफताब अहमद अफकी नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं, क्योंकि वे आलोचना और शोध दोनों ही दृष्टि से उच्च गुणवत्ता वाली रचनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं और नई पीढ़ी के चिंतन को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस स्वागत समारोह में महाविद्यालय के सभी शिक्षक और कर्मचारी तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

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