प्रखंड के मध्य में पर्याप्त सुरक्षित भूमि उपलब्ध होने के बावजूद बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का चयन समझ से परे
निर्माण स्थल पर न तो सूचना बोर्ड और न ही मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण की उपलब्धता
दरभंगा (राज कुमार झा) : गौड़ा बौराम प्रखंड अंतर्गत बिरौल सीमा पर निर्माणाधीन 30 बेड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। यह अस्पताल 13 पंचायतों वाले गौड़ा बौराम प्रखंड के मध्य क्षेत्र में बनना चाहिए था, लेकिन इसे बिरौल की सीमा पर ऐसे इलाके में बनाया जा रहा है जो वर्ष-भर बाढ़ से प्रभावित रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल से मुख्य सड़क एसएच–17 तक पहुँचने के लिए सरकार को करोड़ों रुपये की लागत से नई सड़क बनानी पड़ेगी, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होगा। जबकि प्रखंड के मध्य में पर्याप्त सुरक्षित भूमि उपलब्ध होने के बावजूद बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का चयन समझ से परे है।

निर्माण स्थल पर न तो किसी प्रकार का सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही मजदूरों को कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। जब निर्माण कंपनी के सुपरवाइज़र से सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “सेफ्टी की कोई खास ज़रूरत नहीं है।” वहीं, विभागीय इंजीनियर ने कहा, “जल्द ही बोर्ड लगाया जाएगा और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।”
इस मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवेंद्र ठाकुर ने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतना महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट गौड़ा बौराम प्रखंड में न बनकर बिरौल सीमा के बाढ़ प्रभावित इलाके में बनाया जा रहा है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, स्थान चयन और सुरक्षा मानकों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
वहीं, क्षेत्रीय विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक के इस बयान के बाद लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को गंभीरता से लेगा।
