
दरभंगा। राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई विशेष चर्चा के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने देश की राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की ऐतिहासिक भूमिका पर जोर दिया। श्री डॉ. गुप्ता ने कहा आज भारत जिस नए आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव के साथ विश्व-पटल पर स्थापित हो रहा है, उसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को जाता है। उन्होंने कहा मोदी सरकार ने राष्ट्रवाद को शासन, नीति-निर्माण और जनचेतना का आधार बनाया है। डॉ. गुप्ता ने वन्दे मातरम् को भारतीय आत्मा की सबसे पवित्र और ऊँची अभिव्यक्ति” बताते हुए कहा कि यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की ऊर्जा और प्रेरणा का केंद्र रहा। स्वदेशी आंदोलन से लेकर आज़ादी की लड़ाई के निर्णायक चरणों में यह गीत पूरे देश में एकता का प्रतीक बना। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया वन्दे मातरम् किसी एक धर्म या समुदाय का गीत नहीं, बल्कि पूरे भारत का है। डॉ. गुप्ता ने मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, खान अब्दुल गफ्फ़ार ख़ान, रफ़ी अहमद किदवई और मोहम्मद रफ़ी जैसे मुस्लिम जननायकों का उल्लेख करते हुए कहा स्वतंत्रता संग्राम में सभी समुदायों ने इसे समान सम्मान दिया। सांसद ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा जिस राज्य ने वन्दे मातरम् को जन्म दिया। इस गीत को सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया।अपने संबोधन के अंत में डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने बिहार की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रभक्ति की अदम्य भावना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा चंपारण सत्याग्रह से लेकर स्वतंत्रता संग्राम के हर मोर्चे तक बिहार के लोगों ने वन्दे मातरम् को साहस और संकल्प का स्वर बनाया। आज भी बिहार में यह गीत जन-जन की धड़कन है।