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दरभंगा। पिछले दिनों 4 दिसंबर 25 को हिंदू जागरण सेवा समिति के बैनर तले मां श्यामा मंदिर में सामूहिक विवाह में एक मुस्लिम लड़की की शादी एक हिन्दू लड़के के साथ कराने पर आपत्ति को लेकर दरभंगा जिलाधिकारी, कौशल कुमार से मिलकर नफीसुल हक रिंकू ने जांच कर कर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई करने को लेकर आवेदन दिया। इस संबंध में दिए गए आवेदन में उन्होंने कहा हमें कहना है प्राप्त जानकारी हनुमान चालीसा के लिए कार्यरत संस्था हिन्दू जागरण सेवा समिति द्वारा 4 दिसंबर को मां श्यामा मंदिर में कराए गए शादी में एक मुस्लिम लड़की जरीना खातून की शादी एक हिन्दू लड़का के साथ कराई गई है। समिति द्वारा जारी प्रेस रिलीज और सोशल मीडिया से मिली जानकारी के उपरांत मुस्लिम समुदाय में इससे आक्रोश है। इस संदर्भ में जानकारी प्राप्त होते ही हमलोगों ने उक्त जरीना खातून के बारे में जानकारी लेनी चाही और इस समिति और श्यामा मंदिर से उक्त लड़की का पता, विवरण लेना चाहा तो टाला गया और पता में सिर्फ झारखंड राज्य बताया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने बताया संवैधानिक रूप से लड़का लड़की तय उम्र पार करने के उपरांत विवाह हेतु सक्षम हैं, लेकिन यह कारवाई विवाह निबंधक के यहां होना है, न के श्यामा मंदिर में। दूसरे धर्म में धार्मिक स्थान पर शादी के लिए व्यवस्था है कि लड़का या लड़की स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन उपरांत मंदिर या मस्जिद में शादी या निकाह कर सकता है। लेकिन इस शादी में एक मुस्लिम लड़की को मां श्यामा मंदिर में बिना धर्म परिवर्तन के हिंदू रीति रिवाज से शादी कराना घोर निंदनीय और आपत्तिजनक है। इस आयोजन के उपरांत इस समिति के संस्थापक पूर्व विधायक, अमरनाथ गामी द्वारा जारी पोस्ट अल्पसंख्यक समुदाय को चिढ़ाने, प्रताड़ित करने के रूप में किया गया है। उनके कई सदस्यों और समर्थकों ने भी इस तरह के पोस्ट को बढ़ावा दिया। श्री रिंकू ने बताया यही नहीं विगत चुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी, उमेश सहनी सहित कई लोग घंटों इस शादी में शिरकत कर अगली पंक्ति में विराजमान होकर अल्पसंख्यक समुदाय को चिढ़ाने में आग में घी का काम करते रहे। एक प्रसिद्ध चिकित्सक मृदुल शुक्ला सहित कई लोगों ने इस आयोजन में भोजन सहित अन्य रूप से मदद कर इस असंवैधानिक कार्य में हिस्सेदारी दी। ये लोग भी शक के दायरे में हैं। मेरे द्वारा सोशल मीडिया पर इस संबंध में श्रीमान को ज्ञापन देने की सूचना के उपरांत भी इस पर उनके या उनके संस्था के द्वारा इस कर कोई सफाई नहीं दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्यामा मंदिर के सचिव के रूप में (जिलाधिकारी) आप ही हैं। श्यामा मंदिर के कई सदस्यों से भी पूछे जाने पर भी उक्त जरीना खातून के बारे में कुछ नहीं बताया जा रहा है। अतः इस संबंध में आपसे आग्रह है कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की कृपा करें, ताकि समाज मे कानूनी व्यवस्था के अंतर्गत सामाजिक समरसता बनी रहे। प्रतिनिधि मंडल में शामिल लोगों से बात करने के बाद जिलाधिकारी ने अस्वस्थ करते हुए कहा संबंधित विषय की जानकारी आपके आवेदन माध्यम से मिली है। इस संबंध में जानकारी लेकर जांच कराकर जल्द कार्रवाई की जाएगी। मीडिया को संबोधित करते हुए  संयोजक, नफ़ीसुल हक रिंकू अगर जांच के बाद कार्रवाई नहीं होती है तो हम आंदोलन के माध्यम से अपनी बातों को रखेंगे।

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