डेस्क : पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि वह युद्धग्रस्त गाजा पट्टी में अंतरराष्ट्रीय शांति बल की मदद के लिए अपने सैनिक भेजने पर सहमत है. इस अहम घोषणा की जानकारी पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शनिवार को दी. डार ने स्पष्ट किया कि गाजा में तैनात होने वाले पाकिस्तानी सैनिक केवल इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोर्स (ISF) के साथ समन्वय करेंगे और उनका उद्देश्य इलाके में सुरक्षा, स्थिरता और मानवीय गतिविधियों को समर्थन देना होगा.
डार ने कहा कि पाकिस्तान का उद्देश्य गाजा में किसी राजनीतिक या सैन्य गुट पर दबाव बनाना नहीं है. उन्होंने कहा कि हमास से हथियार जमा कराना पाकिस्तान की भूमिका में शामिल नहीं है. उनके अनुसार यह मुद्दा फिलिस्तीनी कानून और स्थानीय प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न तो पाकिस्तान और न ही कोई अन्य बाहरी देश इस प्रक्रिया में दखल दे.
डार ने बताया कि गाजा में सैनिक भेजने से पहले ISF के ढांचे, नियमों और अधिकारों को लेकर स्पष्टता जरूरी होगी, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या टकराव की स्थिति न बने. उनका कहना था कि युद्ध के बाद गाजा में सुरक्षा और मानवीय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ISF की मौजूदगी महत्वपूर्ण है.
