
दरभंगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में रविवार को 21 से 23 नवंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय बेसिकॉन दरभंगा 2025 मे भारतीय सजर्न संघ बिहार चैप्टर का 44 वाँ वार्षिक सम्मेलन सम्पन्नसंपन्न हो गया इस अवसर पर देश के कई हिस्सों से आए हुए जाने-माने चिकित्सकगण उपस्थित रहे। दरभंगा ने लिखा स्वर्णिम अध्याय। मिथिला की धरती दरभंगा में आयोजित 44 वाँ सर्जन सम्मेलन, बिहार चैप्टर बेसिकॉन 2025 रविवार को भव्य एवं अत्यंत सफल समापन के साथ इतिहास रच गया। यह सम्मेलन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से समृद्ध रहा, बल्कि आयोजन, अतिथि सत्कार और वैज्ञानिक नवाचार के मामले में भी एक नई मिसाल बनकर सामने आया। देशभर से 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया और दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का गौरव बढ़ाया। सम्मेलन की थीम रही नवाचार, शल्य-प्रयोग और उत्सव। इसमें नवीनतम शल्य तकनीकों पर उच्च स्तरीय वैज्ञानिक व्याख्यान आयोजित किए गए और प्रत्यक्ष शल्य कार्यशालाओं में 20 ऑपरेशनों को प्रतिभागियों ने विशेष रूप से सराहा रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स, एडिनबर्ग के सहयोग से एमआरसीएस वेबिनार भी आयोजित किया गया, जो किसी भी सर्जिकल सम्मेलन में पहली बार हुआ। इस सम्मेलन में विभिन्न सभागारों में फ्री पेपर और पोस्टर प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं, जो युवा सर्जनों के लिए शोध और नवाचार का उत्कृष्ट मंच साबित हुईं। सम्मेलन में तीन प्रतिष्ठित ओपरेशन प्रमुख आकर्षण रहे। डॉ नरेंद्र प्रसाद ओरेशन वक्ता डॉ बी.एन. चौधरी, वाइस प्रेसिडेंट, एएसआई बिहार, ने भाग लिया। डॉ एस.के. सिन्हा ओरेशन वक्ता डॉ. प्रवीण सुर्यवंशी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, एएसआई, ने वक्तृत्व किया। डॉ. एच. एन. द्विवेदी ओरेशन वक्ता डॉ आर.एन. झा, पूर्व विभागाध्यक्ष, डीएमसीएच ने दिवंगत द्विवेदी की असाधारण स्मरण-शक्ति, सेवा भाव, डॉक्टरों के चरित्र और करुणा पर भावपूर्ण प्रकाश डाला। शैक्षणिक सत्रों में जीआई ब्लीडिंग पर पैनल चर्चा और बड़े कॉमन बाइल डक्ट स्टोन पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से अपनी ओर से भागीदारी किया। डीएमसीएच दरभंगा मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में में सम्पन्न हुआ। सभी मेहमानों ने रहने, स्वागत सत्कार की प्रशंसा की और कहा कि मिथिला की मेजबानी ने सभी का दिल जीत लिया। सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र, सर्वश्रेष्ठ शल्य-वीडियो और सर्वश्रेष्ठ पोस्टर के पुरस्कार वितरित किए गए। एएसआई पदाधिकारियों ने एएसआई दरभंगा टीम का विशेष सम्मान किया। आयोजकों ने सभी प्रायोजक फार्मा कंपनियों, अतिथिगण, फैकल्टी, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और मीडिया प्रतिनिधियों का हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया। आयोजकों के अनुसार, प्रतिभागियों का प्रेम और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। बीएएसआईओएन 2026, आईजीआईएमएस पटना को अगला गौरवशाली दायित्व सौंपा। आयोजन सचिव डॉ संजीव श्रीवास्तव, आयोजन अध्यक्ष डॉ बिजेन्द्र मिश्रा और मीडिया प्रभारी डॉ कन्हैया झा ने इसे ऐतिहासिक और यादगार बनाने में अहम भूमिका निभाई 44 वें बीएएसआईओएन 2025 के दौरान आयोजित शोध-पत्र और पोस्टर प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और विजेताओं को सम्मानित किया गया। शोध-पत्र पेपर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया डॉ डैनिश हुसैन, आईजीआईएमएस ने। द्वितीय स्थान पर रहे डॉ निलोफर शर्मा, पीएमसीएच, जबकि तृतीय स्थान पर रहे डॉ अभिमन्यु वत्स, आईजीआईएमएस। वहीं पोस्टर प्रेजेंटेशन में डॉ नेत्रंदा आचार्य, आईजीआईएमएस ने प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर रहे डॉ समीर कुमार मिशिर, पीएमसीएच, जबकि तृतीय स्थान पर रहे डॉ सौरव कुमार, डीएमसीएच। विशेष उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. सोनू कुमार, जेएलएनएमसीएच को भी सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों और विजेताओं के उत्कृष्ट योगदान ने सम्मेलन की शैक्षणिक समृद्धि को और बढ़ाया और युवा सर्जनों के लिए शोध व नवाचार को प्रोत्साहित किया।
,