डेस्क :बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने शपथ ली और एक बार फिर से बिहार की सत्ता को चलाने के लिए सीएम की कुर्सी पर बैठे। इस बार एनडीए की भारी भरकम जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर मंथन के दौर में चला गया है और बिहार में एक नयी जुगलबंदी देखने को मिली रही है। बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार की वापसी के मौके पर हुआ एक समारोह एक अलग कहानी बयां करता रहा। गुरुवार को असली एक्शन उनके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए इशारों, टाइमिंग और आसान गर्मजोशी में दिखा — एक ऐसा नज़ारा जिसने एक पॉलिटिकल चैप्टर के खत्म होने और एक और शुरुआत का इशारा दिया।
