डेस्क :केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला की ऑपरेशन सिंदूर वाली टिप्पणी की तीखी आलोचना की। उन्होंने उन पर राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता स्वार्थी राजनीति करने वाले नेताओं से दूर हो रही है। इससे पहले, फारूक अब्दुल्ला ने कहा था मुझे उम्मीद है कि ऐसा कुछ (ऑपरेशन सिंदूर) नहीं होगा। इससे (ऑपरेशन सिंदूर) कुछ नहीं निकला। हमारे लोग मारे गए। हमारी सीमाओं से समझौता किया गया। मुझे उम्मीद है कि दोनों देश अपने संबंधों को सुधारेंगे। यही एकमात्र रास्ता है। मैं वाजपेयी जी की बात दोहराना चाहता हूँ, दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, कीर्ति वर्धन सिंह ने एएनआई से कहा कि कई लोग राष्ट्रहित को ध्यान में नहीं रखते, और उनकी दृष्टि यहीं तक सीमित रहती है। अपनी स्वार्थी राजनीति को कैसे ज़िंदा रखा जाए; यह दुखद बात है, लेकिन ऐसे में जनता उन्हें नकार रही है, और बिहार चुनाव ने स्पष्ट कर दिया है कि वे देश की मज़बूती के लिए, देश के भविष्य के लिए वोट करेंगे।
