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पाण्डुलिपि विज्ञान आ मिथिलाक्षर विषय पर परिचर्चा आयोजित, आईटीओ, दिल्ली स्थित हिंदी भवन सभागार में आयोजित 9 वां मिथिलाक्षर प्रवीण सम्मान समारोह संपन्न

दरभंगा। दूर्वाक्षत मिथिलाक्षर अभियान के तत्वावधान में बीते दिनों आईटीओ, दिल्ली स्थित हिंदी भवन सभागार में आयोजित 9 वां मिथिलाक्षर प्रवीण सम्मान समारोह” भव्यतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, गोसाउनि गीत के सामूहिक गायन से हुआ। स्वागताध्यक्ष अखिलेश मिश्र के द्वारा स्वागत अभिभाषण, डॉ राजीव रंजन एवं वीरेश्वर झा द्वारा अतिथियों का स्वागत मिथिला की गौरवशाली परम्परा के अनुरूप किया गया। मातृलिपि मिथिलाक्षर के संरक्षण,संवर्धन के निमित्त मैथिली भोजपुरी अकादेमी, दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक मिथिलाक्षर परिचय का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। वरिष्ठ लेखक,चिंतक, समीक्षक सह सामाजिक सांस्कृतिक संस्था फोकब्रेन के अध्यक्ष डॉ. कैलाश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न सारस्वत आयोजन में विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रतापानन्द झा, निदेशक, आईजीएनसीए, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और डॉ. अजय कुमार झा,सदस्य,मैथिली साहित्य अकादेमी, भारत सरकार के सारगर्भित विचार अत्यंत लाभकारी रहे। पाण्डुलिपि विज्ञान आ मिथिलाक्षर विषयक परिचर्चा के सत्र में वक्ताओं क्रमशः डॉ. राजीव रंजन दास, प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक, लंदन,डॉ. कीर्तिकान्त शर्मा, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र,संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार के पांडुलिपि विभाग के पूर्व संपादक एवं डॉ. अवध किशोर चौधरी, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र,संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार के पांडुलिपि विभाग के वर्तमान संपादक ने परिचर्चा के विषय पर गंभीर चिंतन करते हुए मिथिलाक्षर लिपि एवं पाण्डुलिपि के संरक्षण, संवर्धन के लिए व्यापक एवं सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत किया। चर्चित गायिका, कवयित्री,लेखिका सोनी चौधरी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में मधु चौधरी,पूनम झा, साधना झा एवं रीना झा को अतिथि के साथ मिलकर अभियान के संस्थापक कौशल झा ने सर्वश्रेष्ठ दूर्वाक्षत मिथिलाक्षर सम्मान से सम्मानित किया। प्रतिष्ठित गणमान्य मैथिलों से खचाखच भरे सभागार में कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भव्य कवयित्री सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।

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