संस्कृत विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगोष्ठी की रूपरेखा को दिया गया अंतिम रूप
दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग एवं डॉ प्रभात दास फाउंडेशन, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में 31 अक्टूबर, 2025 को “भारतीय दर्शन और विज्ञान” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में किया जाएगा, जिसमें भाग लेने वाले सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को आयोजक की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
संगोष्ठी की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश से संस्कृत विभागध्यक्ष डॉ कृष्णकांत झा की अध्यक्षता में विभाग में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ घनश्याम महतो एवं प्रो जीवानन्द झा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ आर एन चौरसिया, विभागीय प्राध्यापिका डॉ मोना शर्मा, दर्शनशास्त्र की प्राध्यापिका डॉ प्रियंका राय, फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा, शोधार्थी सम्पा नन्दी, सौरभ दा, मंजू अकेला आदि ने भाग लिया।
संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ कृष्णकांत झा ने बताया कि संगोष्ठी का उद्घाटन वी एस जे कॉलेज, घोघरडिया, मधुबनी के प्रधानाचार्य प्रो जीवानन्द झा करेंगे, जबकि विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र की प्राध्यापिका डॉ प्रियंका राय मुख्य वक्तव्य देगी। संगोष्ठी के संयोजक डॉ चौरसिया ने बताया कि यह संगोष्ठी कल 31 अक्टूबर को अपराह्न 1:00 बजे से पीजी संस्कृत विभाग में आयोजित की जाएगी, जिसमें किसी भी विषय के शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने बताया कि संगोष्ठी में सहभागिता पूर्णतः निःशुल्क है। संगोष्ठी में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान दिया जाएगा।
