अन्य

कुमार गौरव सहित 50 कार्यकर्ताओ ने दिया राजद से सामूहिक त्यागपत्र अति पिछड़ा समाज को सिर्फ वोट बैंक समझना और उपेक्षा, पक्षपात का आरोप

 

हम अति पिछड़ा समाज वर्षों से राजद के लिए खून पसीना बहाया लेकिन टिकट देने में नजरअंदाज किया गया : कुमार गौरव

दरभंगा। बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में असंतोष गहराता जा रहा है। पार्टी के अति पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जुड़े लगभग 50 नेताओं ने टिकट बंटवारे में उपेक्षा,पक्षपात का आरोप लगाते हुए दरभंगा में एक साथ बड़ी संख्या में लोगो ने वर्षो से लगे रहने वाले कार्यकर्ताओ सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। बैठक कर जल्द आगे निर्णय लिए जाने की बात कही गई। दरभंगा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नाराज नेताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी का इजहार करते हुए पार्टी सुप्रीमो सहित शीर्ष नेतृत्व पर आम कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कुमार गौरव ने कहा हमने बीस वर्षो से अधिक समय तक मजबूती के साथ हर समय खड़े रहे लेकिन इसके बाबजूद पार्टी ने ईमानदारी का सिला विश्वासघाट कर दिया। हम ना सही लेकिन हमारे समाज के किसी भी कार्यकर्ता को ही दे देते उन्होंने कहा राजद ने अति पिछड़ा समाज को हमेशा वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन जब प्रतिनिधित्व देने की बारी आई तो उन्हें किनारे कर दिया गया। उनका कहना था के वर्षों से मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की जगह बाहरी और धनबल वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई। श्री गौरव ने कहा हम अति पिछड़ा समाज वर्षों से राजद के लिए खून पसीना बहा रहे थे। लेकिन टिकट बंटवारे में इस समाज को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। पार्टी में अब विचारधारा नहीं, बल्कि व्यक्ति विशेष की चापलूसी,आर्थिक ताकत का बोलबाला है। उन्होंने आरोप लगाया दरभंगा जिले के कुछ नेता केवल अपने और अपने परिवार के हितों को साधने में लगे हैं। टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी नेतृत्व या जिला के वरिष्ठ नेताओं ने फोन पर जिज्ञासा तक नहीं दिखाई।कुमार गौरव ने कहा चुनाव से पहले नेता मंच से कहा करते थे कि टिकट सर्वे रिपोर्ट और सामाजिक भागीदारी के आधार पर दिया जाएगा। लेकिन, सभी घोषणाएं मंच तक ही सीमित रह गईं। अतिपिछड़ा समाज की हिस्सेदारी की बातें केवल भाषणों में सुनाई दीं। इस्तीफा देने वालों में शामिल पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष एवं राजद के वरिष्ठ नेता,भोला सहनी ने कहा पार्टी में समर्पित, ईमानदार कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार टूट रहा है। उन्होंने कहा यह असंतोष आने वाले चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर सीधा असर डालेगा। उन्होंने कहा हमने राजद को अपना 34 वर्ष ईमानदारी के साथ दिया है, लेकिन अब हम सम्मानजनक राजनीति करेंगे, न के अपमानजनक व्यवहार से समझौते करेंगे। इस्तीफा देने वालों में जिला अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश व जिला के पदाधिकारी, प्रखंड अध्यक्ष, पंचायत स्तर के पदाधिकारी लगभग 50 नेता शामिल हैं। सभी ने एक स्वर में कहा वे जल्द ही अपने भविष्य की रणनीति तय करेंगे और अन्य राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर उस समय जब चुनावी प्रचार अपने चरम पर है। नाराज नेताओं ने कहा राजद की जो पहचान गरीब, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की पार्टी के रूप में थी, अब वह केवल नाम मात्र रह गई है। सामुहिक इस्तीफा देने वालों में भोला सहनी पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह प्रदेश महासचिव,डॉ कुमार गौरव प्रदेश उपाध्यक्ष अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ,गोपाल लाल देव प्रधान महासचिव, राम सुंदर कामत जिला महासचिव, सुशील सहनी प्रदेश सचिव,देवन सहनी, राजाराम लालदेव प्रखण्ड अध्यक्ष बहेरी, भरत कुमार सहनी, प्रीति कुमारी प्रखंड अध्यक्ष गौड़ाबोराम संजना देवी,अजय कुमार साहू,अजय सहनी,मनमोहन कामत,सुजीत गौरव प्रधान महासचिव, सरस्वती देवी, इं रंजीत देव,विक्रम कुमार सत्संगी, रूपेश कुमार दास, पिंटू यादव, हरे रामदास, प्रमोद यादव, मनोज कुमार शाह,राहुल प्रसाद, महेश लाल देव, अमरेश कुमार, विनोद कुमार लाल, राजीव कुमार, शिवजी लाल देव, वेवी देवी, सुनील कुमार महतो महानगर अध्यक्ष, देवराज महतो, शंभू लाल देव, सतनारायण लालदेव, संतोष कुमार मंडल, रमाशंकर शर्मा, कमल यादव उर्फ कमलेश्वर यादव, संतोष राम, राजेश कुमार, समसुल हक समेत लगभग 50 से अधिक नेताओं ने राजद के प्राथमिक सदस्यता एवं विभिन्न पदों से इस्तीफा दिया। राजद में मचा यह घमासान न केवल पार्टी के आंतरिक संकट को उजागर करता है, बल्कि महागठबंधन के जातीय समीकरणों पर भी असर डाल सकता है। राजद से कुमार गौरव सहित 50 कार्यकर्ताओ के सामूहिक इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक गलियारों में आया एक नया मोड़ और चर्चाए गली मोहल्ला, गांव शहर हों रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *