अंतरराष्ट्रीय

नेपाल बॉर्डर के पास भारतीय टूरिस्ट बस पर हमला, पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु हुए घायल

डेस्क : नेपाल (Nepal) में जारी अशांति के बीच एक बड़ा हादसा हुआ. 9 सितंबर को भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र के पास 49 भारतीय पर्यटकों से भरी एक बस पर हमला हुआ. ये सभी यात्री काठमांडू के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर (Pashupatinath Temple) में दर्शन करने के बाद वापस लौट रहे थे. अचानक एक भीड़ ने बस को घेर लिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे बस के शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री घायल हो गए.

बस के ड्राइवर, रामू निषाद ने बताया, “हम बस से लौट रहे थे कि अचानक प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी कारण पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. बस में महिलाएं और बुजुर्ग यात्री भी थे, लेकिन भीड़ ने किसी की परवाह नहीं की.” इस घटना से बस में अफरा-तफरी मच गई. कई महिलाएं और बच्चे डर के मारे रोने लगे.

घायल यात्रियों को तुरंत काठमांडू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया. भारतीय दूतावास ने नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बाकी यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था की. इससे शेष श्रद्धालु सकुशल भारत लौट सके.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों का हिंसक रूप ले लेने से अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है. इन प्रदर्शनों के दौरान कई जेलों पर हमले हुए, जिससे हजारों कैदी फरार हो गए. भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 67 फरार कैदियों को पकड़ लिया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है. ये लोग बिना पहचान पत्र दिखाए भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे.

हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने नेपाल के राजनीतिक हालात को हिला दिया है. प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को पद से इस्तीफा देना पड़ा. कई जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है. नेपाल आर्मी ने भीड़ को काबू में करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं.

इस घटना के बाद सोनौली सीमा और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. भारतीय श्रद्धालु और पर्यटक नेपाल यात्रा को लेकर चिंतित हैं. अधिकारियों ने यात्रियों को जरूरी सावधानियां बरतने और हालात सामान्य होने तक यात्रा टालने की सलाह दी है.

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