डेस्क : दिल्ली के एक लेडीज़ फैशन स्टोर ने अपनी दुकान का प्रचार करने के लिए एक ऐसा तरीका अपनाया, जिस पर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. “आयशा मायशा” नाम के इस स्टोर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें यह दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनकी लाजपत नगर वाली दुकान पर आए थे.
यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया, लेकिन जल्द ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी सच्चाई और कानूनी वैधता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह वीडियो असली नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है. इसके बाद इस बात पर बहस छिड़ गई कि क्या किसी बड़े पब्लिक फिगर की पहचान का इस्तेमाल इस तरह से व्यावसायिक प्रचार के लिए करना नैतिक रूप से सही है.
जैसे ही वीडियो फैला, लोगों ने इसे पर्सनालिटी राइट्स और प्राइवेसी कानूनों का उल्लंघन बताया. एक्स (पहले ट्विटर) पर एक यूजर ने लिखा, “AI अब हद से बाहर जा रहा है. क्या यह कानूनी भी है @DelhiPolice?”. एक अन्य यूजर ने जब इस बारे में xAI के Grok से पूछा तो जवाब मिला कि भारत में किसी पब्लिक फिगर का चेहरा बिना इजाजत के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए AI से बनाना पर्सनालिटी राइट्स का उल्लंघन हो सकता है. हालांकि, डीपफेक पर अभी तक कोई खास कानून नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों में आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है.
