डेस्क : चीन के तियानजिन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में पीएम मोदी ने भारत का पक्ष रखा. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत मेजबान राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उनके भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद देकर की. इसके बाद उज्बेकिस्तान के लोगों को उनके स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से SCO का एक जिम्मेदार सदस्य रहा है और इस संगठन में रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका निभाई है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि SCO के प्रति भारत की नीति तीन महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित है. ये हैं- S का अर्थ है सुरक्षा, C का अर्थ है संपर्क और O का अर्थ है अवसर.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद से पीड़ित है और हर भारतीय ने इसका दर्द महसूस किया है. पहलगाम की हालिया घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है. यह हमला मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश और व्यक्ति के लिए एक खुली चुनौती थी. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुला समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है.
पीएम मोदी ने कहा, ”हमें स्पष्ट और सर्वसम्मति से कहना होगा कि आतंकवाद पर कोई भी दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है. हमें हर रूप और रंग के आतंकवाद का सर्वसम्मति से विरोध करना होगा. मानवता के प्रति यह हमारा कर्तव्य है” उन्होंने इस कठिन समय में भारत के साथ खड़े देशों का आभार व्यक्त किया.
