डेस्क : थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा को संवैधानिक कोर्ट ने शुक्रवार को आचार संहिता उल्लंघन करने का दोषी पाया और पद से बर्खास्त कर दिया है. वह महज एक साल ही सत्ता में रहीं और अब उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ रही है.
दरअसल, पड़ोसी मुल्क कंबोडिया के साथ जब सीमा विवाद को लेकर तनाव चरम पर था तो पैटोंगटार्न की कंबोडिया के पूर्व नेता हुन सेन के बीच फोन पर हुई बातचीत की लीक हो गई थी. इस लीक कॉल में पैटोंगटार्न कंबोडिया के नेता को ‘अंकल’ कहकर संबोधित की थी और उनके अनुरोधों पर विचार करने को कहा था. साथ ही पैटोंगटार्न ने सेना की एक वरिष्ठ अधिकारी की आलोचना की, जिसके बाद आरोप लगे कि उन्होंने राष्ट्रीय हितों को दरकिनार किया.
कोर्ट ने यह फैसला छह-तीन के बहुमत से सुनाया और कहा कि पैटोंगटार्न ने निजी रिश्तों को तर्जी देते हुए राष्ट्रीय हितों और थाईलैंड के छवि को बड़ा नुक़सान पहुंचाया है. कोर्ट ने कहा कि उनकी कंबोडिया के निजी रिश्तों की वजह से ऐसा कई बार लगा कि वह उस पक्ष के अनुसार कार्य करने को तैयार दिखीं.
