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दरभंगा : DMCH अधीक्षक ने कहा- अजित शर्मा द्वारा वायरल वीडियो सत्य से परे, कोरोना वार्ड में मरीजों का हो रहा नियमित इलाज

दरभंगा : डीएमसीएच के कोरोना वार्ड में भर्ती निर्मली, मधुबनी के 32 वर्षीय अजित शर्मा जो कोविड-19 पॉजिटिव हैं और जिनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है, उनके द्वारा एक वीडियो वायरल किया गया है, जो कुछ समाचार चैनलों द्वारा प्रदर्शित किया जा रहा है। इस संबंध में डीएमसीएच अधीक्षक ने बताया है कि डीएमसीएच में अजित शर्मा का इलाज नियमित रूप से किया जा रहा है। 32 वर्षीय अजीत शर्मा का प्रतिदिन दो बार चेकअप किया जा रहा है। 23 अप्रैल 2021 को उनका चेकअप किया गया था। जांच में उनका ब्लड शुगर अनियंत्रित पाया गया था, इसके लिए उन्हें दवा दी गई है। उनका पल्स रेट 60 प्रति मिनट तथ एसपीओ 2- 85% पाया गया है। उनके लिए आईसीयू में एक बेड की व्यवस्था की जा रही है। जैसे ही आईसीयू में बेड रिक्त होगा, उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अजीत शर्मा की स्थिति पर चिकित्सकों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। अजित शर्मा के प्रतिदिन जांच के सारे अभिलेख डीएमसीएच में उपलब्ध हैं।

डीएमसीएच अधीक्षक के मुताबिक, अजीत शर्मा चिकित्सा के दौरान सहयोग नहीं करते हैं। वे कोरोना वार्ड के चिकित्सकों, नर्सों एवं वार्ड बॉय के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। कभी-कभी तो वे और उनके परिजन वार्ड बॉय के साथ गालीगलौज भी करते हैं, जिससे कोरोना वार्ड के चिकित्सकों, नर्स एवं वार्ड बॉय के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी, दरभंगा द्वारा डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल, डीएमसीएच की निगरानी एवं अनुश्रवण के लिए उप विकास आयुक्त, दरभंगा तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में सहायक समाहर्त्ता अभिषेक पलासिया एवं तीन वरीय उप समाहर्त्ता को प्रतिनियुक्त किया गया है। इनके द्वारा प्रतिदिन कोरोना वार्ड का भ्रमण किया जाता है तथा वहां भर्ती इलाजरत मरीजों का हालचाल लिया जाता है। उनके भ्रमण के दौरान कभी किसी मरीज ने भोजन की गुणवत्ता की या कोई अन्य शिकायत नहीं की। इस तरह के वायरल वीडियो से डीएमसीएच के चिकित्सकों, नर्सों एवं वार्ड बॉय का मनोबल गिरता है। कोरोना वार्ड में डॉक्टर और नर्स लगातार भ्रमण कर रहे हैं, एडमिटेड पेशेंट का हालचाल ले रहे हैं। उनकी देखभाल की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी से इस संबंध में वार्ता हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पहले मरीज का इलाज करें, मरीज के ठीक हो जाने के बाद उसके विरुद्ध जांच की जाएगी और आरोप असत्य पाए जाने पर संबंधित एवं उनके परिजनों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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