डेस्क :बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया है कि वह उन नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जो प्रतिबंध के बावजूद कबूतरों को दाना खिला रहे हैं – जिसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बीएमसी को आदेश लागू करने को कहा है। मुंबई में कबूतरखानों और अन्य जगहों पर कबूतरों को दाना डालना एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। जैन धर्मगुरुओं समेत 1,000 से ज़्यादा नागरिकों ने शहर में कबूतरों को दाना डालने पर लगे प्रतिबंध के विरोध में कोलाबा जैन मंदिर से गेटवे ऑफ़ इंडिया तक विरोध मार्च निकाला। जैन मुनि नरेशचंद्र जी महाराज ने भी कबूतरों को दाना डालने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग को लेकर 10 अगस्त को आमरण अनशन की घोषणा की है। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों में मुंबई में सैकड़ों कबूतर भूख से मर गए हैं क्योंकि राज्य के अधिकारियों ने पशु प्रेमियों को पक्षियों को दाना डालने से जबरन रोक दिया है। दादर कबूतरखाना और अन्य दाना डालने वाले स्थानों को बीएमसी ने सील कर दिया है। हम कबूतरों को दाना डालने पर इस क्रूर प्रतिबंध का विरोध करते हैं।” अनशन स्थल जल्द ही तय किया जाएगा
