बिहार: नीतीश सरकार ने बिहार की महिला बस यात्रियों के लिए अहम फैसला लिया है। राज्य में महिलाओं के लिए विशेष पिंक बसें चला रही राज्य सरकार अब सामान्य बसों में भी महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करेगी।
परिवहन विभाग ने सार्वजनिक परिवहन की बसों में महिला यात्रियों की सुविधा एवं बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रत्येक बसों में आगे की चार पंक्तियों की सीटें आरक्षित करने का निर्णय लिया है। वहीं राज्य के 27 जिलों में आधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। तीन जिले सारण, रोहतास और मधुबनी में अतिरिक्त ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया है। परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मंगलवार को विभाग की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रत्येक बस में ड्राइवर और कंडक्टर के नाम को बस के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसकी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड की जाएगी। चालक और कंडक्टरों के लिए खाकी रंग का यूनिफॉर्म पहनना और नेम प्लेट लगाना आवश्यक होगा।
साथ ही बस कंडक्टर को यात्रियों के प्रति विनम्र और पेशेवर व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। राज्य में संचालित पुरानी और जर्जर बसों की अनिवार्य रूप से फिटनेस जांच की जाएगी। बस स्टैंडों पर पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएगी।
बीते जून महीने में सारण, रोहतास और मधुबनी में क्रमशः 3296, 2425 और 3959 ड्राइविंग टेस्ट किए गए। टेस्ट में सफल आवेदकों को क्रमशः 2272, 2129 और 2375 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। इस तरह सारण में औसतन प्रतिदिन 110, रोहतास में 81 और मधुबनी में 132 ड्राइविंग टेस्ट लिए जा रहे हैं, जबकि प्रतिदिन क्रमशः 76, 71 और 79 लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। आवेदकों की अधिक संख्या को देखते हुए इन तीनों जिलों में अतिरिक्त ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया है।
