डेस्क :अदालत ने कहा कि हितधारकों के हित में कंपनी का पुनरुद्धार आवश्यक है। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्य कंपनी और हितधारकों के बेहतर हित में कंपनी के पुनरुद्धार की मांग करते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि यह कदम दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के उद्देश्यों के अनुरूप है और इससे कंपनी का पुनरुद्धार हो सकता है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ को हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कंपनी गिली इंडिया लिमिटेड के खिलाफ लंबित समापन याचिका को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि हितधारकों के हित में कंपनी का पुनरुद्धार आवश्यक है। अदालत ने कहा कि मामले के तथ्य कंपनी और हितधारकों के बेहतर हित में कंपनी के पुनरुद्धार की मांग करते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि यह कदम दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के उद्देश्यों के अनुरूप है और इससे कंपनी का पुनरुद्धार हो सकता है
