शाहरुख पर हत्या-रंगदारी समेत 11 केस दर्ज थे. शाहरुख ने वर्ष 2015 में पुलिस कस्टडी में मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर आसिफ जायदा की हत्या की थी. इसके बाद जेल में रहते हुए वह संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के संपर्क में आ गया और गैंग के लिए काम करने लगा. वर्ष 2016 में जेल से बाहर आने के बाद फरार हो गया और फिर 2017 में हरिद्वार के कंबल व्यापारी गोल्डी की हत्या कर दी. यही नहीं, उसने उसी साल मुजफ्फरनगर में आसिफ जायदा मर्डर केस के मुख्य गवाह के पिता की भी हत्या कर दी थी. इस वारदात के बाद उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था.
गोल्डी मर्डर केस में शाहरुख पठान को संजीव जीवा के साथ उम्रकैद की सजा हुई थी. करीब छह माह पूर्व वह जमानत पर बाहर आया था. बाहर आते ही उसने एक बार फिर गवाहों को धमकाना और जानलेवा हमले शुरू कर दिए. संभल जिले में हत्या के प्रयास और धमकी देने के एक केस में वह वांछित चल रहा था. 14 जुलाई को STF मेरठ ने उसे थाना छपार क्षेत्र में घेर लिया. मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
