डेस्क: बेंगलुरु के राजाजीनगर इलाके में एक किराए के मकान से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां कथित तौर पर खाने का न्योता, नींद की गोलियां और तेज आवाज में बजता टीवी सात लोगों की नृशंस हत्या का मुख्य कारण बना। पुलिस की जांच के मुताबिक, 52 वर्षीय कैब ड्राइवर एस इंदुशेखर पर आरोप है कि उसने 15 दिनों के भीतर अपनी पत्नी और उसके परिवार के 6 सदस्यों की हत्या कर दी। 7 लोगों की हत्या के बाद आरोपी ने शवों को प्लास्टिक की परतों में लपेटा, बोरों में भरा और अपनी कार से अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर ठिकाने लगा दिया।
मामले में ताजा अपडेट यह है कि तमिलनाडु के सालेम जिले के एक जंगल से इंदुशेखर की पत्नी सुनीता और उसकी सास रूपावती के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके साथ ही अब तक कुल तीन शव मिल चुके हैं। परिजनों की 12 सदस्यीय टीम शवों की शिनाख्त और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सालेम पहुंच चुकी है। पुलिस के अनुसार, इंदुशेखर ने 14 अक्टूबर की रात सबसे पहले अपनी पत्नी सुनीता की हत्या की। अगले दिन उसकी 17 वर्षीय बेटी ने अपनी नानी रूपावती को फोन करके मटन करी खाने के बहाने घर पर आमंत्रित किया। पुलिस का मानना है कि यह बुलावा रूपावती को धोखे से घर बुलाकर मारने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शिकार को पहले नींद की गोलियां देता था और जब वे सो जाते थे, तो सिलबट्टे से उन पर वार करता था। हमले के दौरान वह टीवी की आवाज बेहद तेज कर देता था ताकि पड़ोसियों को चीख-पुकार या हमले की भनक न लगे।
वारदात को अंजाम देने के बाद इंदुशेखर और उसकी बेटी खून बहने से रोकने के लिए शवों को प्लास्टिक शीट्स से कई बार लपेटते थे और फिर उन्हें बोरे में बंद कर देते थे। तड़के के वक्त वे इन बोरों को अपनी Toyota Etios कार में रखकर अलग-अलग जगहों पर फेंकने निकल जाते थे। पुलिस ने आरोपी की कार से आधे दर्जन से अधिक इत्र (Perfume) की बोतलें बरामद की हैं। आशंका जताई जा रही है कि शवों की बदबू छिपाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता था।
शवों को फेंकने से पहले उतारे सोने के गहने
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पत्नी और तीन अन्य महिलाओं के शव ठिकाने लगाने से पहले उनके शरीर से सोने के आभूषण उतार लिए थे। संदेह है कि उसने कुछ जेवरात बेच दिए हैं, जिसकी वित्तीय लेन-देन की कड़ियां पुलिस तलाश रही है। वहीं 29 अक्टूबर को मारे गए 7 साल के मासूम पुनीत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चार गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। पुलिस ने 52 वर्षीय कैब ड्राइवर को Ulsoorgate के पास से गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने 14 से 31 अक्टूबर के बीच राजाजीनगर V ब्लॉक की 59वीं क्रॉस स्थित घर में अपनी पत्नी और उसके परिवार के 6 लोगों की हत्या की। इस पूरे घटनाक्रम में उसकी 17 साल की नाबालिग बेटी भी उसका साथ दे रही थी।
10 साल का मासूम था अगला निशाना
जब पुलिस ने इंदुशेखर को गिरफ्तार किया, उस समय कार में 10 साल का एक बच्चा भी मौजूद था, जो मृतक पीड़ितों का बेटा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी इस बच्चे को भी मारने की योजना बना चुका था। बच्चे को यह कहकर घर से लाया गया था कि उसके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए हैं। वह कई दिनों तक अपने माता-पिता की हत्या से बेखबर आरोपी और उसकी बेटी के साथ रहा।
20 साल का पारिवारिक विवाद और 3 करोड़ की संपत्ति
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इंदुशेखर और उसकी पत्नी सुनीता के बीच पिछले 20 वर्षों से अनबन चल रही थी। आरोपी को लगता था कि पत्नी के रिश्तेदार हर विवाद में उसका पक्ष लेते हैं। वहीं रिश्तेदारों का आरोप है कि 3 करोड़ रुपये मूल्य की पारिवारिक जायदाद का विवाद भी इस कत्लेआम की वजह हो सकता है। इस पूरी वारदात का खुलासा तब हुआ जब परिवार के कई सदस्यों के अचानक गायब होने पर रिश्तेदारों को शक हुआ। एक रिश्तेदार ने ध्यान दिया कि सुनीता के फोन से मैसेज तो आ रहे थे, लेकिन कोई फोन रिसीव नहीं कर रहा था। पुलिस को शक है कि आरोपी अपनी पत्नी की हत्या को छिपाने के लिए खुद उसके फोन से परिजनों को मैसेज भेज रहा था।


