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”SIR और EVM के बहाने हार छिपा रहा विपक्ष”, नितिन नवीन ने राहुल-अखिलेश को घेरा

डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाकर अपनी चुनावी हार के लिए बहाना बना रहे हैं। नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर भी तीखे कटाक्ष किए।

उन्होंने कहा, ”आज के युवाओं ने ऐसे ‘राजकुमारों’ को खारिज कर दिया है।” गोरखपुर में पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के दो ‘राजकुमारों’ (राहुल गांधी और अखिलेश यादव) के कारनामे ऐसे रहे हैं, जिन्हें राज्य और देश की जनता आज भी याद रखती है। राहुल गांधी को ‘पार्ट-टाइम राजनेता’ बताते हुए नवीन ने आरोप लगाया कि वे केवल चुनावों के दौरान ही राजनीतिक रूप से सक्रिय होते हैं, जबकि भाजपा कार्यकर्ता पूरे साल जनसेवा में लगे रहते हैं।
उन्होंने विपक्षी नेताओं पर यह आरोप लगाया कि वे चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में हेराफेरी का आरोप लगाते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे चुनावी हार से कोई सबक नहीं सीखते, बल्कि बहाने बनाने के साथ ‘घड़ियाली आंसू’ बहाते हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को विपक्ष की रैली का जिक्र करते हुए, उन्होंने दावा किया कि वहां उतनी भीड़ भी नहीं जुटी, जितनी आयोजकों ने उम्मीद की थी; यह उम्मीद की गई भीड़ का 10 प्रतिशत भी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि इसके उलट,भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल सहयोगी दल देशभर के जिलों और कस्बों में विशाल मार्च निकाल रहे हैं, जो इस गठबंधन की ताकत और जनता के समर्थन को दर्शाता है। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के आरोपों पर नवीन ने कहा कि जो पार्टियां चुनाव हार गई हैं, वे अपनी संगठनात्मक कमियों को देखने के बजाय इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को दोष दे रही हैं।
उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा गांधी को दी गई उस चुनौती का भी जिक्र किया, जिसमें उनसे उनकी पसंद की जगह पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कथित हेराफेरी करके दिखाने को कहा गया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और मैदान छोड़कर चले गए। बिहार चुनावों का जिक्र करते हुए, नवीन ने दावा किया कि मतदाता सूची जारी होने के बाद ही गांधी राजनीतिक मैदान से हट गए थे।
उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और उन्हें ‘बिहार का युवराज’ कहा। उन्होंने कहा कि युवा मतदाता ऐसे नेताओं को नकार रहे हैं। नवीन ने विपक्ष के उस दावे पर सवाल उठाया कि मतदाता सूची से लगभग 13 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। अपने संबोधन में आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि इनमें से 2.5 करोड़ नाम उन लोगों के थे जिनका निधन हो चुका है, और लगभग छह करोड़ नाम उन लोगों के थे जो अपने पंजीकृत पते से कहीं और चले गए हैं। उन्होंने तीन करोड़ से अधिक ऐसे लोगों का भी जिक्र किया, जिनके पते की पुष्टि नहीं हो सकी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची में लगभग तीन करोड़ ‘घुसपैठिए’ शामिल हैं, और विपक्ष पर चुनावी फायदे के लिए उन्हें बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और राजग के कार्यकर्ता मतदाता सूची में ऐसे लोगों को शामिल किए जाने का विरोध करेंगे। नवीन ने कहा कि विपक्ष के मामले में, ”न केवल रॉकेट, बल्कि उसका ‘लॉन्चिंग पैड’ (प्रक्षेपण स्थल) भी खराब है, जिससे ऐसे नेता निकलते हैं जो चुनाव में कोई असर छोड़ने में बार-बार विफल रहते हैं।” नवीन ने मोदी और आदित्यनाथ के कार्यकाल में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश, दोनों ही तरक्की कर रहे हैं।

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