राष्ट्रीय

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीसरी बार भी आरोप तय नहीं, जयराम रमेश बोले- किसे बचा रही BJP

डेस्क: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध आठों आरोपियों पर बुधवार को तीसरी बार भी आरोप तय नहीं हो सके। इसे लेकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्टकर कहा कि हम पहले दिन से कह रहे हैं कि भाजपा सरकार असली बड़े चोरों को बचाना चाहती है। अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों पर तीसरी बार भी आरोप तय नहीं हो सके। आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई, लेकिन वीडियो फुटेज और ऑडियो उपलब्ध कराने की मांग लंबित है।

ऑडियो सामने आने से किसकी पोल खुलेगी
उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि राम मंदिर की पूरी वीडियो फुटेज और ऑडियो सामने आने से किसकी पोल खुलेगी?  देशवासियों के मन में यह संदेह है कि पूरी फुटेज और ऑडियो से चढ़ावे की चोरी और ‘बड़े लोगों’ की मिलीभगत से जुड़े अहम राज़ सामने आ सकते हैं। देश जानना चाहता है कि इन रिकॉर्डिंग्स में क्या दर्ज है और उन्हें उपलब्ध कराने में देरी क्यों हो रही है। रमेश ने कहा कि CCTV में चढ़ावे की रकम हटाने की 105 घटनाएं सामने आईं। 2020 में ऑडिट की चेतावनियां दी गईं, 4 जून को चोरी का वीडियो सामने आया और 25 जून को FIR दर्ज हुई। आज तक पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय नहीं हुई। आखिर क्यों?

जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कब होगी?
भाजपा की सरकारें आरएसएस-विहिप-भाजपा से जुड़े लोगों को बचाने में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रही हैं? क्या उन्हें लोकलज्जा नहीं है? क्या उन्हें जनता रूपी भगवान का डर नहीं है? हम फिर पूछते हैं: चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे ट्रस्ट पदाधिकारी आरोपी की बजाय गवाह क्यों हैं? बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कब होगी? क्या चोरी की जिम्मेदारी सिर्फ आठ कर्मचारियों तक सीमित कर दी जाएगी?

चंदा श्रीराम के नाम पर आया था
कांग्रेस की मांग स्पष्ट है: पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो। ऑडिट की चेतावनियों, CCTV फुटेज, वित्तीय लेन-देन और ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की जाँच हो। श्रीराम के नाम पर आए चढ़ावे का पूरा हिसाब देश के सामने रखा जाए। श्रीराम मंदिर का श्रेय लेने में सबसे आगे रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब चढ़ावे की चोरी पर जवाबदेही से पीछे क्यों हट रहे हैं? चंदा श्रीराम के नाम पर आया था। हिसाब भी देना होगा और जवाबदेही भी तय करनी होगी। चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए।

चार नवंबर को होगी अगली सुनवाई 
गौरतलब है कि विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर चढ़ावा चोरी के समय के सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज और ऑडियो उपलब्ध कराने की मांग की गई है। प्राप्त दान व चढ़ावे की रसीदें, दान की धनराशि की गणना के बाद बैंक में जमा की गई राशि की रसीदें और बैंक स्टेटमेंट भी मांगे गए हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अपनाई गई परीक्षण प्रक्रिया का ब्योरा और सभी आठों आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। भौतिक रूप से दस्तावेज उपलब्ध कराने में कोई कठिनाई होने पर उन्हें पेन ड्राइव के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में देने का अनुरोध भी किया गया है। न्यायाधीश रजत वर्मा ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए चार नवंबर की तारीख नियत की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *