नई दिल्ली

दिल्लीवासियों के खुशखबरी! यमुना पर नवंबर से शुरू होगी क्रूज सफारी, जानें कितना होगा किराया

डेस्क: दिल्लीवासी नवंबर के पहले हफ्ते से क्रूज की यात्रा का आनंद सकते हैं, और इसके लिए छह किलोमीटर के हिस्से पर ‘नमो यमुना क्रूज सफारी’ का प्रायोगिक परीक्षण शुरू हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इसे परिवार के साथ मनाई जाने वाले पिकनिक स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जहां रेस्तरां, फूड पार्क, बच्चों के लिए खास जोन, ‘म्यूजिकल फाउंटेन’ और ‘वाटर स्पोर्ट्स’ जैसी सुविधाएं भी होंगी।

500 रुपए होगा किराया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सोनिया विहार से जगतपुर तक विकसित की जा रही परियोजना से यमुना नदी के पुनरुद्धार प्रयासों को गति मिलने के साथ-साथ दिल्ली में पर्यटन और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, परिसर के लिए प्रवेश शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि पूरी क्रूज यात्रा का किराया 500 रुपये होगा। एक बयान के अनुसार, टिकट दिल्ली पर्यटन वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। बयान में कहा गया है कि प्रायोगिक परीक्षण करीब एक हफ्ते तक चलने की उम्मीद है, जिसके बाद नवंबर के पहले हफ्ते में इसे औपचारिक रूप से शुरू करने की तैयारी है। गुप्ता ने क्रूज सेवा का निरीक्षण किया और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य अधिकारियों के साथ क्रूज की सवारी की। गुप्ता ने कहा, ”हमारी कोशिश है कि छठ महापर्व से पहले यह सेवा शुरू हो जाए। दिल्ली के लोग अपने परिवार के साथ मां यमुना के दर्शन कर सकें, क्रूज में बैठकर सैर का आनंद लें और उन्हें राजधानी में ही पिकनिक मनाने के लिए एक नई जगह मिले। इससे दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कारोबार बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।” उन्होंने कहा कि दिल्ली का यमुना नदी से गहरा भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव है।
वातानुकूलित होंगी क्रूज नौकाएं
रेखा गुप्ता के मुताबिक, नदी सफारी इस रिश्ते को एक नया आयाम देगी और साथ ही पर्यटन तथा मनोरंजन के नए अवसर भी पैदा करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ-साथ यमुना को स्वच्छ रखना और पर्यावरण की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। बयान में कहा गया है कि क्रूज में अधिकतम 30 यात्री बैठ सकेंगे। इसमें कहा गया है कि सोनिया विहार से जगतपुर के शनि मंदिर तक की यात्रा में लगभग 40 मिनट लगेंगे। यह परियोजना भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली जल बोर्ड के बीच समन्वय के माध्यम से विकसित की जा रही है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और दिल्ली सरकार की एजेंसियों ने क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्च 2025 में एक समझौता किया था। क्रूज नौकाएं वातानुकूलित होंगी। इनमें शून्य अपशिष्ट निकासी वाली जैव शौचालय व्यवस्था, उद्घोषणा प्रणाली और सुरक्षा जैकेट की सुविधा भी होगी।

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