डेस्क: मध्य प्रदेश के इंदौर के नजदीक नर्मदा नदी में सफाई के दौरान बहुत सारे वोटर कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया। ये वोटर कार्ड इंदौर विधानसभा के बताए जा रहे हैं। कांग्रेस जहां इसे SIR से जोड़ कर देख रही वही दूसरी और इंदौर कलेक्टर इसे साल 2016 में जारी कार्ड बता रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले में इंदौर के कलेक्टर ने चुनाव आयोग को प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी है।
बता दे पिछले दिनों नर्मदा सफाई के दौरान इंदौर विधानसभा के वोटर आईडी कार्ड मिले थे। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वारयल हुए। वही पुलिस में शिकायत दर्ज करने की बात कही जा रही थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे SIR प्रक्रिया से जोड़ कर कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर इंदौर कलेक्टर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि रविवार को सफाई अभियान के दौरान एक एनजीओ की टीम को ये कार्ड मिले थे। मामले में चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी थी। कुछ मतदाताओं के वोटर कार्ड नर्मदा नदी से मिले हैं। इसे लेकर तत्कालिन बीएलओ और इलेक्शन सुपरवाइजर से स्पष्टिकरण लेंगे। इस मामले की तह तक पहुंचेंगे। यह विषय कैसे हुआ और किस प्रकार से यह घटना हुई है। वह रिपोर्ट भेज दी है। इसमें बीएलओ और अन्य अधिकारियो से भी जवाब तलब किया है। वह कार्ड 2016 के समय के हैं पूरे मामले की जांच की जा रही है।


