डेस्क: दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकीलों ने मंगलवार को एक दिन की हड़ताल की और न्यायिक कार्यों से दूर रहे। उन्होंने पुलिस द्वारा कथित तौर पर डराने-धमकाने और शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के विरोध में यह कदम उठाया। यह विरोध प्रदर्शन एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) द्वारा कथित तौर पर डराने-धमकाने की घटना के बाद हुआ है। इससे पहले 23 अक्टूबर को वकीलों के बीच हुई एक लड़ाई से जुड़े मामले में, कुछ आरोपियों की रिहाई को लेकर वकील ACP और संबंधित SHO के पास गए थे।
राउज एवेन्यू कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव विजय बिश्नोई ने बताया कि सोमवार को शाहदरा पुलिस स्टेशन में कुछ वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद एसोसिएशन ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि इसके बाद एसोसिएशन ने उन परिस्थितियों की जांच की, जिनकी वजह से यह मामला बना। उन्होंने कहा, ‘हमें पता चला कि कल शाहदरा पुलिस स्टेशन में हमारे कुछ सदस्यों (वकीलों) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसके बाद हमने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। जब हमने मामले की जांच की और संज्ञान लिया, तो हम यह जानना चाहते थे कि इसकी शुरुआत कैसे हुई। हमें पता चला कि 23 अक्टूबर को कुछ वकीलों के बीच लड़ाई हो गई थी जिसमें एक वकील के सिर पर चोट आई थी। हमने कल जारी किए गए प्रस्ताव (सर्कुलर) के साथ इसकी एक तस्वीर भी साझा की है।’
बिश्नोई ने बताया कि 23 अक्टूबर की घटना के संबंध में वकीलों ने एक FIR दर्ज कराई थी, जिसमें एक वकील के सिर पर चोट आई थी। उन्होंने कहा, ‘वकीलों ने FIR दर्ज कराई थी और उस मामले के आरोपी उस समय पुलिस स्टेशन में ही मौजूद थे। ACP और संबंधित SHO, दोनों ने भरोसा दिलाया था कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब वकील अपना मामला दर्ज कराने के बाद 24 अक्टूबर को FIR की कॉपी लेने गए, तो उन्हें पता चला कि सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया है।’
आरोप है कि जब वकील अपनी शिकायतें लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे, तो पुलिस अधिकारी ने उन्हें डराया-धमकाया। बिश्नोई ने कहा, ‘इसके बाद जब वे अपनी शिकायतें बताने के लिए शाम को SHO और ACP से मिले, तो ACP की हिम्मत तो देखिए—वे अपना रिवॉल्वर लोड कर रहे थे, उसे दिखा रहे थे और वकीलों को धमका रहे थे। वे अपने कामों को सही ठहरा रहे थे और लोगों को उकसा रहे थे।’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अमित शाह जी से हमेशा यही अपील करूंगा कि ऐसे अधिकारी को उनके पूरे करियर में कभी भी कोई संवेदनशील पोस्टिंग न दी जाए।’ इससे पहले दिन में दिल्ली बार एसोसिएशन की समन्वय समिति (कोऑर्डिनेशन कमिटी) ने शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने और उन्हें दी गई धमकियों के विरोध में न्यायिक कार्यों से दूर रहने (काम न करने) का फैसला लिया।
सोमवार शाम को समन्वय समिति के अध्यक्ष वकील नीरज ने एक सर्कुलर जारी किया। समिति की बैठक में न्यायिक कार्यों से दूर रहने का फैसला लिया गया और शाहदरा पुलिस स्टेशन के ACP और SHO को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की गई। सर्कुलर में बताया गया है कि यह मामला एक FIR से जुड़ा है जिसमें वकील ललित बंसल पर हमला हुआ था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इस मामले में वकील अमूल्य रतन शिकायतकर्ता हैं। समन्वय समिति ने मांग की है कि एक निष्पक्ष जांच होने तक ACP मनस्वी वशिष्ठ और संबंधित SHO को तुरंत सस्पेंड किया जाए।


