डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की संपूर्ण दैनिक डॉलर जरूरतों को पूरा करने के लिए सोमवार से एक विशेष सुविधा शुरू करेगा। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में अनुशासन को मजबूत करने, उचित जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करने और एक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बाजार परिवेश बनाए रखने के लिए कई नियामकीय उपायों की भी घोषणा की। यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब लगातार भू-राजनीतिक और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच रुपए में गिरावट का रुख जारी है। घरेलू मुद्रा शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.71 के स्तर पर बंद हुई थी।
आरबीआई ने जिन तीन तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के लिए इस विशेष विंडो की घोषणा की है, वे हैं – इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल)। इस सुविधा के तहत केंद्रीय बैंक नामित बैंकों के माध्यम से इन सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों को अमेरिकी डॉलर की बिक्री करेगा। यह व्यवस्था 12 अक्टूबर, 2026 (सोमवार) से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी।
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी रोकने और रुपये में स्थिरता लाने के लिए कुछ नियामकीय उपाय भी किए हैं। अगर किसी ग्राहक ने विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव का कोई सौदा एक बार रद्द कर दिया, तो बैंक उसे दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं देंगे।


