डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। CJP चुनावी रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। पटना में भी प्रशासन ने संभावित मार्च और प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी है। गांधी मैदान में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को तैनात किया गया है, जबकि J.P. गोलंबर पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और बिहार पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
शहर में कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और कानून-व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए पुलिस अलर्ट पर है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए आरोपलगाया कि पिछले प्रदर्शनों में पुलिस के साथ झड़प और पत्रकारों पर हमले हुए थे। जोशी ने कहा, “यह बचकाना हरकत है। जब वे अपने लोगों के साथ विरोध करने आते हैं, तो उन्हें काबू में नहीं रख पाते। वे पुलिस पर हमला करते हैं और महिला पत्रकारों पर भी हमला करते हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और कानून व पुलिस के नियमों का पालन करने से इनकार करते हैं, और उनकी हरकतों को अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश बताते हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
BJP के लोकसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बिहार में आगजनी की घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा व्यवस्था का बचाव किया। रूडी ने कहा, “हमने बिहार में भी आगजनी की घटनाएं देखी हैं। सरकार हमेशा जरूरी इंतजाम करती है। अगर आप सरकार को चुनौती देते हैं या कानून-व्यवस्था में बाधा डालते हैं, तो व्यवस्था बनाए रखना सरकार की ज़िम्मेदारी हो जाती है। मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ भी असामान्य है।” बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी विरोध प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों का बचाव किया। उन्होंने प्रेशर ग्रुप CJP की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाए और इसके सदस्यों पर लोकतांत्रिक और कानूनी नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।


