डेस्क: केंद्र सरकार ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को एक बेहद सनसनीखेज मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। यह मामला फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ा है। कॉकपिट के अंदर हुई तीखी बहस के बाद विमान ने अचानक नीचे की ओर खतरनाक गोता लगाया था और फिर सऊदी अरब के एयरस्पेस की तरफ वापस मुड़ गया था।
केंद्र सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ़्लाइट 1073, जिसे भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार और ओमान के एक फ़र्स्ट ऑफ़िसर उड़ा रहे थे, 30 सितंबर को सुबह 7:05 बजे (गल्फ़ स्टैंडर्ड टाइम – GST) दुबई से रवाना हुई थी। इसमें 174 यात्री और 6 क्रू सदस्य सवार थे। विमान जॉर्डन-सऊदी अरब सीमा के पास उड़ रहा था, तभी उसने अचानक नीचे की ओर गोता लगाया और सऊदी एयरस्पेस की ओर वापस मुड़ गया।
सरकार ने बताया कि यात्रियों ने जानकारी दी कि फ़्लाइट के दौरान ओमान के फ़र्स्ट ऑफ़िसर ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया। ऐसा लग रहा था कि वह विमान को हाईजैक करने या उसे क्रैश कराने की कोशिश कर रहा था। हमले के बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने फ़र्स्ट ऑफ़िसर को काबू में कर लिया और रोक दिया। सरकारी आदेश में दी गई जानकारी के अनुसार, कैप्टन मच्छार के सिर और हाथों पर गहरे घाव हुए थे। इस घटना के बाद, विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के अन्य पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे सुबह लगभग 10:45 बजे (GST) उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।
सरकार के अनुसार, बाद में सऊदी अधिकारियों ने फ़र्स्ट ऑफ़िसर को गिरफ़्तार कर लिया। केंद्र सरकार ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि एक भारतीय नागरिक के ख़िलाफ़ ‘एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016’ की धारा 3 और ‘गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967’ की धारा 16 (धारा 15(1)(a) के साथ) के तहत अपराध किए गए हैं। आदेश में बताए गए अपराध ‘राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008’ के तहत ‘शेड्यूल्ड ऑफेंस’ हैं।
सरकार ने कहा कि इस मामले में एक भारतीय पायलट पर हमला और ‘फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073’ को हाइजैक करने या क्रैश करने की साफ़ कोशिश शामिल है। सरकार ने कहा कि इस घटना के गंभीर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं और किसी बड़ी साज़िश का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की ज़रूरत है। इसलिए, केंद्र सरकार ने NIA को मामला दर्ज करने और NIA अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
यह निर्देश ‘राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008’ की धारा 6 की उप-धारा 5 और 8 (धारा 8 के साथ) के तहत जारी किया गया था। उम्मीद है कि NIA की जांच में हमले से जुड़ी परिस्थितियों, विमान के अंदर हुई घटनाओं और क्या यह घटना किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा थी, इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। हालांकि, सरकारी आदेश में फर्स्ट ऑफिसर के मकसद या कथित हमले से पहले की परिस्थितियों के बारे में और जानकारी नहीं दी गई है।


