डेस्क: वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, गणित, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। मान्यता है कि बुध (Mercury) की चाल में बदलाव का असर व्यक्ति की बातचीत, कारोबारी फैसलों और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। पंचांग की गणना के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को बुध वक्री होने जा रहे हैं।
ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की वक्री चाल को हर स्थिति में अशुभ नहीं माना जाता। कई बार वक्री ग्रह पुरानी योजनाओं पर दोबारा काम करने, अटके हुए मामलों को आगे बढ़ाने और पहले किए गए फैसलों से लाभ मिलने के संकेत देते हैं। इसी आधार पर ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध की वक्री चाल को कुछ राशियों के लिए खास बताया जा रहा है। इनमें मेष, कर्क और कुंभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े लाभ के योग बताए जा रहे हैं।
मेष राशि: कारोबार में मिल सकती है बड़ी डील
मेष राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल को ज्योतिषीय दृष्टि से अनुकूल माना जा रहा है। इस दौरान आपकी बातचीत और अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने की क्षमता मजबूत हो सकती है। इसका फायदा कार्यक्षेत्र में मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पार्टनरशिप या कमर्शियल सेक्टर से जुड़े लोगों को इस अवधि में कोई महत्वपूर्ण कारोबारी अवसर मिल सकता है। आर्थिक परेशानियों में राहत मिलने के साथ अटका हुआ पैसा वापस आने के योग भी बताए जा रहे हैं। पुराने आर्थिक मामलों को दोबारा देखने का समय भी आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
कर्क राशि: नौकरी में प्रमोशन के संकेत
कर्क राशि वालों के लिए बुध की वक्री चाल करियर और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। लंबे समय से प्रमोशन या मनचाही जगह ट्रांसफर का इंतजार कर रहे जातकों की इच्छा पूरी होने के योग बताए जा रहे हैं।
इस अवधि में पहले किए गए निवेश या प्रॉपर्टी से जुड़े किसी पुराने फैसले से फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। परिवार में भी माहौल सुखद रहने और मानसिक शांति मिलने के संकेत बताए गए हैं।
कुंभ राशि: आमदनी बढ़ने के बनेंगे योग
कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल आर्थिक स्थिति और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं और आय में वृद्धि हो सकती है।
बिजनेस करने वाले लोगों को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिल सकता है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी यह समय अनुकूल बताया गया है। बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस दौरान लिए गए फैसलों में समझदारी और रणनीति का फायदा मिलने की बात कही जा रही है। पुराने मामलों की समीक्षा करके आगे की योजना बनाना भी लाभकारी हो सकता है।


