डेस्क: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। आइची-नागोया में भारत ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई किया।
दो साल दूर नहीं है LA 2028
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि LA 2028 भले ही दो साल दूर नजर आ रहा हो, लेकिन इसकी तैयारी अभी से शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि टीम को अगले दो साल के लिए सही शेड्यूल और तैयारी का रोडमैप तैयार करना होगा।
फुल्टन ने कहा, ‘LA 2028 दो साल के अंदर है। यह लंबा समय लगता है, लेकिन यह समय काफी जल्दी बीत जाता है। फिलहाल हमारा ध्यान सही शेड्यूल और प्लानिंग तैयार करने पर है, ताकि दो साल, एक साल और छह महीने पहले की तैयारी के बड़े चरण तय किए जा सकें।’
Hockey India League के बाद नई टीम पर नजर
फुल्टन ने संकेत दिया कि हॉकी इंडिया लीग के बाद टीम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कोच का फोकस अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को जोड़कर एक संतुलित टीम तैयार करने पर है।
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा ग्रुप है और युवा खिलाड़ी भी हैं। भारतीय A टीम और अंडर-21 टीम में काफी प्रतिभा मौजूद है। हॉकी इंडिया लीग के बाद अगले दो-तीन महीनों में हम सभी खिलाड़ियों को देखेंगे, नई टीम चुनेंगे और नए सिरे से शुरुआत करेंगे।’
लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतना बेहद खास
भारत ने एशियन गेम्स में पांचवीं बार पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता है। फुल्टन के लिए लगातार दूसरी बार खिताब बचाना खास उपलब्धि है, क्योंकि इससे पहले भारत ने 2022 हांगझोउ में गोल्ड जीता था।
उन्होंने कहा, ‘हांगझोउ में पहला गोल्ड जीतना बेहद खास था, लेकिन वापस आकर उसे डिफेंड करना और लगातार दो गोल्ड जीतना हमेशा विशेष होता है। इस एशियन गेम्स का अनुभव मेरे लिए काफी अलग और अनोखा रहा।’
पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में दिखा टीम का जज्बा
फाइनल से पहले भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में कड़ी चुनौती मिली थी। भारत ने 3-0 की बढ़त गंवा दी थी, लेकिन आखिरी मिनट में अभिषेक के गोल ने टीम को 4-3 से जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचा दिया।
फुल्टन ने कहा, ‘हमारा पहला हाफ बहुत अच्छा रहा, लेकिन तीसरा क्वार्टर मुश्किल था। पाकिस्तान ऐसी टीम है जो आपको मौके देगी तो उसका फायदा उठाएगी। उन्होंने 3-0 से वापसी करके हमें काफी दबाव में डाल दिया, लेकिन हमने आखिरी मिनट में गोल करने का रास्ता खोज लिया।’
एशिया के बाद अब दुनिया पर नजर
आइची-नागोया में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने गोल्ड जीतकर पहली बार एशियन गेम्स में डबल गोल्ड हासिल किया। फुल्टन ने कहा कि भारत अब एशिया में अपना दबदबा बनाए रखने के साथ-साथ विश्व स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन करना चाहता है।
उन्होंने कहा, ‘हम एशिया में यही प्रदर्शन विश्व स्तर पर भी करना चाहते हैं। संसाधन मौजूद हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि हम आगे बढ़ते रहें, नई प्रतिभाओं की तलाश करें और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव दें।’


