डेस्क: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुग्राम में लगातार गिरते भूजल स्तर पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट को बताया गया कि शहर के कई इलाकों में भूजल स्तर करीब 40 मीटर नीचे पहुंच गया है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार, गुरुग्राम में उपलब्ध भूजल से दोगुना पानी हर साल निकाला जा रहा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन वर्तमान पीढ़ी के ट्रस्टी हैं मालिक नहीं। इन संसाधनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना हमारी दोहन भविष्य की पीढ़ियों के लिए विनाशकारी परिणाम ला सकता है। कोर्ट ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा को पांच अक्तूबर को सुबह 11 बजे बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। बैठक में गुरुग्राम के उपायुक्त, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक, नगर निगम आयुक्त, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण और हरियाणा तालाब प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण और केंद्रीय भूजल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे।


