डेस्क: एशियन गेम्स 2026 में यादगार जीत हासिल करने के बाद भारतीय महिला 4x400m रिले गोल्ड मेडलिस्ट किरण पहल, प्राची चौधरी और एमआर पूवम्मा ने अपनी खुशी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि देश के लिए गोल्ड जीतना और राष्ट्रगान सुनना एक खास पल था। मंगलवार को महिला 4x400m रिले फ़ाइनल में किरण पहल, माचेत्तिरा पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 3:29.69 का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया और एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला एथलेटिक्स गोल्ड मेडल जीता। बहरीन ने 3:30.21 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि चीन ने 3:31.02 के समय के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया।
आसान नहीं था ये सफर
किरण पहल के लिए, दौड़ना कभी बगावत जैसा था। सोनीपत में अपनी बेटी को एथलेटिक्स में आगे बढ़ने देने के लिए उनके पिता को पूरे गाँव से लड़ना पड़ा था। वहीं सहारनपुर के एक किसान की बेटी प्राची चौधरी के लिए, UP पुलिस में DSP बनने का सपना ही आगे बढ़ने की प्रेरणा रहा है। नागोया जाने से पहले, उन्होंने अपनी यूनिफॉर्म के लिए नाप दिया ताकि अपने इस सपने को सच कर सकें। MR पूवम्मा को डोपिंग बैन और डिप्रेशन से उबरकर वापसी करनी पड़ी; इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने में उनके पति और मां ने उनकी मदद की। ऑटो-रिक्शा ड्राइवर की बेटी विथ्या रामराज ने रिले रेस में हिस्सा लेने से पहले ही नागोया में भारत का सबसे पुराना एथलेटिक्स नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया था
देश को मिला एक और गोल्ड
अपनी जीत के बाद एमआर पूवम्मा ने कहा कि अपना छठा एशियन गेम्स मेडल जीतने के बाद उन्हें गर्व और खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि महिला 4x400m रिले गोल्ड इस इवेंट में उनका पहला एथलेटिक्स गोल्ड मेडल था। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात के बावजूद टीम जीतने के लिए दृढ़ थी और साबित कर दिया कि भारतीय महिलाएं “गोल्डन गर्ल्स” हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मनु टीएस, पूवम्मा एमआर, विशाल टीके और विथ्या रामराज की भारतीय चौकड़ी ने मिक्स्ड इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था। एशियाई खेलों में 4×400 मीटर रिले फ़ाइनल में 3:14.46 का समय लिया। किरण पहल ने कहा कि अपना पहला गोल्ड मेडल जीतने के बाद वह बहुत भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान टीम को जीत दिलाने के लिए आसानी से बैटन बदलने पर था। उन्होंने यह मेडल एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI), सरकार, अपने परिवार और अपने कोच को समर्पित किया।
अब DSP के पद पर बैठेगी प्राची चौधरी
प्राची चौधरी ने कहा कि 2022 हांग्जो एशियाई खेलों की रिले में सिल्वर मेडल जीतने के बाद वह गोल्ड जीतने के लिए दृढ़ थीं। उन्होंने कहा कि रेस के दौरान उनका ध्यान… …ताकि आखिरी चरण में अपनी साथी विथ्या रामराज के लिए अच्छी बढ़त बनाई जा सके, जिससे टीम को गोल्ड मेडल जीतने में मदद मिली। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने घोषणा की थी कि जो भी गोल्ड मेडल जीतेगा, उसे DSP का पद दिया जाएगा। इसलिए यहाँ आने से पहले ही मैंने अपनी यूनिफॉर्म सिलवा ली थी, ताकि पक्का कर सकूं कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं गोल्ड मेडल जीतकर ही लौटूंगी। मन में यही था कि चाहे जान ही क्यों न चली जाए, गोल्ड मेडल जीतकर ही लौटूंगी और वह यूनिफॉर्म पहनूंगी।”


