सेवा संकल्प अभियान
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना उतना ही अनिवार्य, जितना की साँस लेना और खाना खाना : स्वाति गुप्ता
स्वाति गुप्ता ने सडक़ नियमों के बारें में शिक्षण संस्थाओं के बच्चों को किया जागरूक।

करनाल, 29 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान-सेवा मेरा योगदान के तहत यातायात नियमों के पालन और सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से सडक़ सुरक्षा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आरएसए की डीएम स्वाति गुप्ता ने उपस्थित शिक्षण संस्थाओं के बच्चों को संबोधित किया और सडक़ सुरक्षा के नियमों की पालना करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा नियमों की पालना से स्वयं भी सुरक्षित रहे और दुसरों के जीवन को भी सुरक्षित रखें।

उन्होंने बताया कि सडक़ सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी के साथ साथ हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। सडक सुरक्षा नियमों का पालन करना उतना ही अनिवार्य है जितना की साँस लेना और खाना खाना। सडक़ दुर्घटना के मुख्य कारणों में यह भी बताया गया है कि वाहन का पीछे से हीट करना, आमने-सामने से टक्कर होना व वाहन का साईड से टकराना मुख्यतय ऑवर स्पीड, रोंग साईड ड्रविंग व ऑवर टेक की वजह से होता है। जिसके लिए निर्धारित स्पीड पर चलना, दुसरों वाहन से उचित दूरी रखना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्कूल में जाने के लिए निर्धारित समय से 10 से 15 मिनट घर से निकलना चाहिए ताकि जल्दबाजी में तेज गति से चलने के कारण सडक़ दुर्घटना का शिकार न हो। उन्होंने बताया कि करनाल के इस वर्ष आकडों के हिसाब से 32 लोग 18 से 25 वर्ष आयु के सडक़ दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके है जोकि एक चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा केवल एक कानून नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जीवन रक्षा से जुड़ी प्राथमिक जिम्मेदारी है। छोटी सी लापरवाही परिवार और समाज के लिए बड़ा नुकसान बन जाती है, इसलिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। वाहन चलाते समय वाहन का प्रयोग न करें, कानों में लीड लगाकर या शराब पीकर वाहन न चलाएं, ओवरटेक न करें।
उन्होंने स्कीमों की जानकारी देते हुए बताया कि हिट एंड रन के कारण सडक़ दुर्घटना होने में मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये, घातक घायल होने पर 50 हजार रुपये की सहायत मिलती है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री राहत योजना सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति का एक लाख 50 हजार रुपये तक मुफ्त में ईलाज केंद्र सरकार द्वारा 7 दिन के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा राहवीर योजना भी शुरू की है इसके अंतर्गत सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति गोल्डन हावर्स में अस्पताल में पहुंचानें तथा घायल व्यक्ति की जान बचने के उपरांत राहवीर को 25 हजार राशि का ईनाम दिया जाता है तथा उसकी जानकारी भी गुप्त रखी जाती है।


