डेस्क: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने अगले पांच वर्षों में एक लाख युवा अमेरिकियों (Young Americans) को चीन आने का न्योता (Invitation) दिया है। इन युवाओं के लिए पढ़ाई के साथ अलग-अलग आदान-प्रदान कार्यक्रमों (Exchange Programs) में भाग लेने का अवसर होगा। यह घोषणा चीन (China) और अमेरिका के बीच लोगों, खासकर युवा पीढ़ी के संपर्क (Youth Engagement) को बढ़ाने से जुड़ी पहल के रूप में सामने आई है।
शी जिनपिंग ने बताया कि वर्ष 2023 में चीन ने पांच साल की अवधि में 50 हजार युवा अमेरिकियों को चीन बुलाने का लक्ष्य तय किया था। यह लक्ष्य निर्धारित समय पूरा होने से पहले ही हासिल कर लिया गया। इसके बाद चीन ने अब अगले पांच वर्षों के लिए आमंत्रित किए जाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ाकर एक लाख करने का फैसला किया है।
अपने संबोधन में शी ने चीन-अमेरिका संबंधों के भविष्य में दोनों देशों के लोगों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की उम्मीद जनता से जुड़ी है और इन संबंधों का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने एक लाख युवा अमेरिकियों को चीन आने का निमंत्रण देने पर खुशी जताई।
शी ने अपने भाषण में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन और अमेरिका के बीच सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय दोनों देशों ने फासीवादी ताकतों के खिलाफ साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। उनके अनुसार, चीन के लोग उस इतिहास को नहीं भूले हैं और अमेरिकी लोगों ने भी उस दौर को याद रखा है।
चीन के राष्ट्रपति ने दोनों देशों के भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चीन के महान पुनरुत्थान का लक्ष्य और अमेरिका को फिर से महान बनाने की कोशिश साथ-साथ आगे बढ़ सकती है। उन्होंने दोनों देशों से अपने-अपने लोगों की उम्मीदों को पूरा करने और आपसी दोस्ती को मजबूत करने की अपील की।
शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इसे बेहतर दुनिया बनाने की दिशा में सहयोग से भी जोड़ा। युवाओं के लिए प्रस्तावित पढ़ाई और आदान-प्रदान कार्यक्रम इसी व्यापक संपर्क का हिस्सा हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने संबोधन में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन और अमेरिका के सहयोग को याद किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, तकनीक और सुपरइंटेलिजेंस जैसे विषयों पर दोनों देशों के फैसले आने वाले कई दशकों तक शांति और समृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं।
ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन की सहायता करने वाले अमेरिकी पायलटों के समूह ‘फ्लाइंग टाइगर्स’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन अमेरिकी पायलटों ने स्वेच्छा से चीन जाकर वहां लड़ाई में मदद की थी। ट्रंप ने उन्हें बहादुर और चीन के अस्तित्व की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।
ट्रंप ने चीन-अमेरिका पुराने संपर्क से जुड़े ‘गंग हो’ शब्द का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, अमेरिकी मरीन और चीनी लोगों के संपर्क के दौरान यह शब्द अमेरिकी मरीन के बीच लोकप्रिय हुआ। उन्होंने बताया कि अमेरिकी मरीन आज भी इसका इस्तेमाल बड़े उत्साह के अर्थ में करते हैं और चीनी भाषा में इसका शाब्दिक अर्थ मिलकर काम करना बताया जाता है।
एक लाख युवा अमेरिकियों को आमंत्रित करने की नई घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देशों के बीच युवा संपर्क, शिक्षा और आदान-प्रदान को रिश्तों के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में सामने रखा जा रहा है।


