डेस्क: राजधानी दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) नॉर्थ कैंपस के पास स्थित हकीकत पार्क के निकट एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि काली सफारी सवार युवकों ने उस पर और उसकी सहेली पर भद्दी टिप्पणियां कीं, पीछा किया और कार के अंदर खींचने का प्रयास किया।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर पीड़ित छात्रा ने इस पूरी आपबीती को बयां किया है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी का पता लगा लिया है। यह घटना कथित तौर पर 23 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे हकीकत पार्क के पास हुई। पीड़ित छात्रा के अनुसार, वह अपनी सहेली के साथ जा रही थी, तभी एक काली सफारी कार उनके पास आकर रुकी। कार का शीशा नीचे कर उसमें सवार युवकों ने भद्दी टिप्पणियां शुरू कर दीं। जब छात्रा ने गाड़ी आगे बढ़ाने को कहा, तो आरोपी भड़क गया और दोनों छात्राओं को अपशब्द कहने लगा। छात्राएं जब वहां से जाने लगीं, तो आरोपी कार से उनका पीछा करने लगे। छात्रा का आरोप है कि जब उन्होंने वीडियो बनाने के लिए कदम रोके, तो कार भी रुक गई और आरोपियों ने उन्हें जबरन कार के भीतर खींचने की कोशिश की। दोनों सहेली द्वारा तुरंत फोन निकालते ही आरोपी मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गए।
छात्रा ने बताया कि उसकी सहेली ने अपना फोन निकाला, जिसके बाद कार वहां से भाग गई। इसके बाद वे पास के पुलिस स्टेशन गईं, लेकिन कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि वह इलाका उस थाने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। छात्रा ने वीडियो में दावा किया, “पिछले चार-पांच घंटों में हमने कई जगहों पर कोशिश की, लेकिन अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाईं।”
दिल्ली पुलिस ने बताया कि 23 और 24 सितंबर की दरमियानी रात को दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस के पास स्थित हकीकत पार्क के निकट छेड़छाड़ की घटना के संबंध में एक महिला शिकायतकर्ता से लिखित शिकायत मिली थी। जांच के दौरान पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस कर उसके रजिस्टर्ड मालिक का पता लगाया और पाया कि नमन कुमार नाम का व्यक्ति उसे चला रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना के समय कार नमन कुमार नाम का व्यक्ति चला रहा था और उसके साथ 2-3 अन्य लोग सवार थे।
इसके बाद मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना), 79 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के इरादे से शब्द, इशारा या हरकत करना) और 3(5) (कई लोगों द्वारा मिलकर किसी अपराध को अंजाम देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।


