डेस्क: इमरान खान की रिहाई को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ता 27 सितंबर को राजधानी इस्लामाबाद का घेराव करेंगे. प्रदर्शन को रोकने के लिए आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद के चारों तरफ कंटेनर रखवा दिए हैं. कई जगहों पर कंटेनरों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए वेल्डिंग भी की गई है. सरकार और सेना की पूरी कोशिश है कि पीटीआई के प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता इस्लामाबाद में न घुस सकें.
डॉन अखबार के मुताबिक, सरकार और सेना ने पीटीआई नेताओं से कहा है कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा. हालांकि, पीटीआई ने प्रदर्शन की पूरी तैयारी कर ली है. प्रदर्शन का नेतृत्व खैबर के मुख्यमंत्री कर रहे हैं. उन्होंने खैबर से इस्लामाबाद तक के लिए यात्रा निकालने की घोषणा की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई के कार्यकर्ता और समर्थक पूरे पाकिस्तान से बुलडोजर और क्रेन किराए पर जुटा रहे हैं. इन्हें इस्लामाबाद ले जाया जाएगा. बुलडोजर का इस्तेमाल कंटेनरों को तोड़ने के लिए किया जाएगा, ताकि इमरान की रिहाई के लिए प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता आसानी से इस्लामाबाद में प्रवेश कर सकें. पीटीआई नेता नईम हैदर पंजुथा के मुताबिक, सरकार ने पूरे इस्लामाबाद को लॉक कर दिया है. हम इसे खोलेंगे. हम किसी भी सूरत में पाकिस्तान की राजधानी को बंद नहीं रहने देंगे.
पीटीआई की कोशिश 2024 से बड़ा प्रदर्शन करने की है, ताकि सरकार पर इसका असर हो सके. इमरान खान 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया था, लेकिन पाकिस्तान की सरकार ने कोर्ट के इस फैसले को नहीं माना.
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में इमरान खान काफी लोकप्रिय हैं. पाकिस्तान के लोग इस वक्त आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना के कथित अवैध शासन से तंग हो चुके हैं. उनके लिए यह प्रदर्शन काफी उम्मीदों भरा है. दूसरी तरफ पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री अता तरार का कहना है कि किसी भी सूरत में पीटीआई कार्यकर्ताओं को इस्लामाबाद में घुसने नहीं दिया जाएगा.
तख्तापलट के बाद इमरान खान पाकिस्तान की राजनीति में सेना के खिलाफ लगातार बोलते रहे. 2023 में भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें जेल भेजा गया. इमरान के साथ उनकी पत्नी बुशरा को भी जेल में रखा गया है. हालांकि, अब उनके खिलाफ सिर्फ एक मामला पेंडिंग है. इमरान खान का कहना है कि मेरे मामले को जानबूझकर अदालतों में लटकाया जाता है. कोर्ट से न्याय नहीं मिल पा रहा है. इमरान के मुताबिक यह सब सेना प्रमुख आसिम मुनीर के इशारे पर हो रहा है.


