डेस्क: महाराष्ट्र (Maharashtra) के बुलढाणा जिले (Buldhana) में कांग्रेस के पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे (Rahul Bondre) के भाजपा में शामिल होने की तैयारी अंतिम समय में बदल गई। चिखली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक बोंद्रे (Former MLA Bondre) ने भाजपा में जाने का सार्वजनिक ऐलान (Public Announcement) किया था, लेकिन राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए कांग्रेस में बने रहने की घोषणा की। यह घटनाक्रम 22 सितंबर को प्रस्तावित भाजपा प्रवेश से पहले सामने आया।
राहुल बोंद्रे ने सोशल मीडिया पर किए गए लाइव प्रसारण में भाजपा में शामिल होने की जानकारी दी थी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और पार्टी के अन्य नेताओं का धन्यवाद भी किया था। बोंद्रे की ओर से इससे पहले भी भाजपा में जाने के संकेत दिए जाने की चर्चा थी। हालिया घोषणा के बाद उनका भाजपा में प्रवेश लगभग तय माना जा रहा था।
इसी बीच राहुल गांधी ने बोंद्रे से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान गांधी ने उन्हें कांग्रेस में बने रहने के लिए कहा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने बोंद्रे के काम की सराहना की और कहा कि पार्टी को उनकी जरूरत है। गांधी ने उनसे भाजपा में जाने के फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध भी किया।
फोन पर बातचीत के बाद बोंद्रे ने अपना निर्णय बदल दिया। उन्होंने कांग्रेस में बने रहने की बात कहते हुए पार्टी के लिए काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। बातचीत के सामने आए वीडियो में बोंद्रे राहुल गांधी के फोन करने और उनकी सुध लेने का उल्लेख करते दिखाई देते हैं।
बोंद्रे ने यह भी कहा कि यदि उन्हें व्यक्तिगत रूप से नुकसान भी उठाना पड़े, तब भी वह कांग्रेस के लिए काम करते रहेंगे। इस घटनाक्रम के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की प्रस्तावित योजना आगे नहीं बढ़ी।
इससे पहले भाजपा की ओर से भी बोंद्रे के संभावित प्रवेश को लेकर तैयारियां होने की जानकारी सामने आई थी। चिखली की भाजपा विधायक श्वेता महाले ने उनके भाजपा में शामिल होने की बात कही थी। प्रस्तावित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी की भी चर्चा थी। बोंद्रे का भाजपा में प्रवेश 22 सितंबर को होने की बात सामने आई थी।
राहुल बोंद्रे और श्वेता महाले के बीच वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला भी हुआ था। चिखली सीट पर हुए इस चुनाव में बोंद्रे कांग्रेस उम्मीदवार थे, जबकि महाले भाजपा की प्रत्याशी थीं। बोंद्रे को इस चुनाव में 3,702 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
बोंद्रे इससे पहले चिखली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। भाजपा में जाने की घोषणा के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भी गतिविधियां बढ़ी थीं। हालांकि, राहुल गांधी से बातचीत के बाद घटनाक्रम की दिशा बदल गई।
महाराष्ट्र में इस समय नेताओं के संभावित दल-बदल को लेकर चर्चाएं भी जारी हैं। सितंबर की शुरुआत में शिवसेना के एक विधायक ने दावा किया था कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के 14 विधायक एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं। उन्होंने आने वाले दिनों में कई नेताओं के पाला बदलने की संभावना जताई थी।
इसी क्रम में नगर निगम पार्षदों के भी संभावित रूप से दूसरे गुट में जाने का दावा किया गया था। हालांकि, जिन विधायकों के संपर्क में होने की बात कही गई थी, उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए थे और इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
राहुल बोंद्रे के मामले में फिलहाल उन्होंने भाजपा में शामिल होने की अपनी घोषणा वापस ले ली है और कांग्रेस के साथ बने रहने का फैसला किया है। इस बदलाव के बाद 22 सितंबर को प्रस्तावित उनका भाजपा प्रवेश नहीं हुआ और बुलढाणा की स्थानीय राजनीति में घटनाक्रम एक बार फिर बदल गया।


