आगरा। UGC से जुड़े मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में रविवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। UGC के विरोध में सवर्ण समाज से जुड़े हजारों प्रदर्शनकारी करीब 200 ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे और कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों के यमुना एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने के बाद पुलिस और PAC ने उन्हें रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ JCB और हाइड्रा मशीनों का भी इस्तेमाल किया। कई स्थानों पर रास्ते बंद किए गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी।
खेतों के रास्ते आगे बढ़ने की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। रास्ते में कुछ जगहों पर वाहनों को रोका गया और प्रदर्शनकारी खेतों के रास्ते आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई दिए। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और PAC की तैनाती की गई।
UGC मुद्दे पर बढ़ रहा विरोध
UGC को लेकर पिछले कुछ समय से विभिन्न वर्गों और संगठनों की ओर से विरोध की आवाजें उठ रही हैं। आगरा का यह प्रदर्शन इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि अब विरोध केवल सोशल मीडिया या छोटे आयोजनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरकर अपनी मांग रख रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि UGC से जुड़े विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए और सरकार इस मुद्दे पर संबंधित पक्षों के साथ संवाद करे।
सरकार के सामने संवाद की चुनौती
आगरा में हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर UGC से जुड़े विवाद को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है। बड़ी संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने के बाद अब प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने की चुनौती भी है।
आशुतोष झा


