दरभंगा

लनामिवि, दरभंगा के एनएसएस कोषांग द्वारा 200 स्वयंसेवकों का सात दिवसीय ‘युवा आपदा मित्र’ प्रशिक्षण शिविर उद्घाटित

बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण के सौजन्य से संचालित शिविर में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के स्वयंसेवकों की हो रही है सहभागिता

 

दरभंगा:ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के एनएसएस कोषांग के तत्वावधान में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पटना के सौजन्य से विश्वविद्यालय परिसर के जुबिली हॉल में सात दिवसीय “युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण शिविर”का उद्घाटन किया गया, जिसमें दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर के विभिन्न कॉलेजों की एनएसएस इकाई के 200 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में वाणिज्य के संकायाध्यक्ष प्रो हरे कृष्णा सिंह- अध्यक्ष, पीजी एथलेटिक्स की अध्यक्ष डॉ प्रियंका राय- गेस्ट का ओनर, एसडीआरएफ टीम के प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान- मुख्य वक्ता, शिविर के संयोजक डॉ आर एन चौरसिया- स्वागत कर्ता एवं विषय प्रवेशक, के एस कॉलेज की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रीता कुमारी- संचालक तथा एमआरएम कॉलेज की एनएसएस पदाधिकारी डॉ अनुपम प्रिया ने धन्यवाद कर्ता के रूप में अपना विचार व्यक्त किया। समारोह का प्रारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के बाद दीप प्रज्वलन से, जबकि समापन राष्ट्रगान से हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर एवं मोमेंटो आदि से किया गया। इस अवसर पर डॉ प्रेम कुमारी, डॉ सोनू राम शंकर, डॉ उदय कुमार, डॉ कामेश्वर पासवान, डॉ दिलीप कुमार झा, डॉ योगेश्वर साह, डॉ रिता कुमारी, बीएसडीएमए, पटना की ओर से मुकेश कुमार झा तथा मणिकांत ठाकुर, एसडीआरएफ टीम की ओर से पंकज कुमार, राजू कुमार, प्रभु कुमार, प्रीति कुमारी, पूजा कुमारी के साथ आयोजित सदस्यों में मनीष राज, अंकिता, वैभव, संजय, विकास, अमित कुमार झा, सुमित कुमार, रवीन्द्र कुमार सिंह आदि के साथ ही दरभंगा मधुबनी एवं समस्तीपुर के 200 स्वयंसेवक उपस्थित थे।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो एच के सिंह ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मैंने 42 वर्षों के अपने सेवा काल में एनएसएस द्वारा इस तरह का व्यापक आयोजन नहीं देखा है। यह एक एतिहासिक कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से चार बैचों में कुल 800 तय आपदा मित्रों के तैयार होने से मिथिलांचल का यह क्षेत्र काफी सुरक्षित हो जाएगा। कहा कि कुछ भी पाने के लिए खुद झुकना पड़ता है और यही झुकाना अनुशासन है। हमारे स्वयंसेवक सामूहिकता का परिचय देते हुए समाज की बेहतरीन के लिए काम करेंगे। उन्होंने आग्रह किया कि आपदा प्रशिक्षण की तरह ही युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण भी मिलना चाहिए, ताकि युद्ध काल में राष्ट्र की रक्षा कर सके।

सम्मानित अतिथि डॉ प्रियंका राय ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण से स्वयंसेवकों में एक अलग कुशलता आएगी, जिससे वे अधिक जिम्मेदारी भी के साथ सुख-दुःख में समाज के सामने हमेशा खड़ा रह सकेंगे। हमारे युवा स्वयंसेवक काफी ऊर्जावान एवं सक्रिय हैं जो आपदा प्रशिक्षण प्राप्त कर “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना से दूसरों की सुरक्षा व्यवस्था, प्राथमिक उपचार तथा राहत एवं बचाव आदि कार्यों में समाज की मदद कर सकते हैं। मुख्य प्रशिक्षक रूपेश कुमार पासवान ने कहा कि आपदा प्रशिक्षण में 18 से 40 वर्ष की हुआ भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण में सभी 200 स्वयंसेवक अनुशासित रहकर पूरे मन से प्रशिक्षण में भाग लें, ताकि वे प्रशिक्षित होकर समाज की सेवा तथा रक्षा कर सकेंगे। बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण 2016 से चलाए जा रहे हैं। अभी बाढ़ राहत कार्य में भी युवा आपदा मित्र कार्य कर रहे हैं।

स्वागत एवं विषय प्रवेश करते हुए शिविर संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने “आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन” की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा का यह प्रशिक्षण युवाओं के लिए समाजोन्मुखी एवं रोजगारोन्मुखी योजना है, जिसका उनके पूरे जीवन काल तक उपयोगिता बनी रहेगी। इस शिविर का उद्देश्य स्वयंसेवकों को प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं का प्रभावी ढंग से सामना करने हेतु तैयार करना है। प्रशिक्षण से समाज में आपदा पूर्व तैयारी की संस्कृति विकसित होगी तथा प्रशिक्षित स्वयंसेवक संकट स्थिति में समाज की प्रभावी सहायता भी कर सकें। कार्यक्रम का संचालन डॉ रिता कुमारी ने, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ अनुपम प्रिया ने किया।

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